कोटद्वार को अलग जिला बनाने की मांग काफी दिनों से चल रही है। इसी के तहत शनिवार को बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने धरना-प्रदर्शन व नारेबाजी की। उन्होंने शीघ्र जिले की घोषणा नहीं होने पर सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
कोटद्वार बार एसोसिएशन के सदस्य तहसील परिसर में स्व. वीरचंद्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा के आगे एकत्र हुए। उन्होंने कोटद्वार को जिला बनाने की मांग के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर आयोजित सभा में वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण कुमार भट्ट ने सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। कहा कि पौड़ी जिले की भौगोलिक विषमताओं के कारण कोटद्वार को जिला बनाया जाना आवश्यक है। क्षेत्र की जनता वर्षों से जिला बनाने की मांग कर रही है। लोगों को पौड़ी के चक्कर काटने पड़ते हैं। लोगों को एक बार फिर से कोटद्वार जिले की मांग को लेकर सड़कों पर उतरना होगा। उन्होंने कहा कि इस हफ्ते तक कोई सकारात्मक रुख नहीं रहा तो अगले शनिवार को सड़कों पर जुलूस प्रदर्शन किया जाएगा।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज भट्ट, उपाध्यक्ष रश्मि कोठारी, आशुतोष देवरानी, भानु प्रसाद बलोदी, हेमेंद्र डोबरियाल, दलवीर चौहान, सुदामा राम अमोली, शिवदयाल आर्य, शंकर रावत, ध्यान सिंह नेगी, शशिकांत बलूनी, दीपक रावत, प्रमोद राणा, मनमोहन पांडे, राकेश कर्णवाल, अजय कुमार पंत, अनुज भट्ट, दीपेंद्र दानी, योगेंद्र गुसाईं, सुरेंद्र रावत, सुधाकर बडोला, दिनेश डबराल और बृजमोहन नैथानी आदि मौजूद थे।