किसान नेता पातीराम ध्यानी समेत क्षेत्र के कई लोगों ने केंद्रीय परिवहन मंत्री को भेजा ज्ञापन
कोटद्वार। किसान नेता पातीराम ध्यानी समेत कई किसानों और संगठनों ने लालढांग-चिल्लरखाल-कोटद्वार-पाखरो-कालागढ़ रामनगर मार्ग को नेशनल हाईवे के रूप में विकसित करने की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को ज्ञापन भेजकर वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कोटद्वार में की गई घोषणा का स्मरण कराया है।
कहा कि कंडी मार्ग पर कोटद्वार से हरिद्वार के लिए अस्सी के दशक से पहले तक गंगा बस सर्विस चलती थी। इसी तरह कोटद्वार से पाखरो और कालागढ़ होते हुए रामनगर के लिए जीएमओयू की दो बसें चलती थीं। ये मार्ग वन विभाग के नियंत्रण में आते हैं। वन विभाग बस संचालन की एवज में मार्ग संधारण शुल्क लेता था। 1980 में वन संरक्षण अधिनियम बनने से इन मार्गों पर वन विभाग शिकंजा कसता गया।
वर्ष 2017 में कोटद्वार विधानसभा के चुनाव के दौरान कोटद्वार-रामनगर व हरिद्वार-लालढांग-कोटद्वार सड़क को नेशनल हाईवे बनाने की घोषणा की गई लेकिन आठ साल बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। क्षेत्रवासी मार्ग निर्माण के लिए आंदोलन की राह पर हैं।