ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की विकेंद्रीकृत व्यवस्था लागू करने का आग्रह
कोटद्वार। क्षेत्र के पार्षदों और ग्रामीणों ने नगर निगम कोटद्वार क्षेत्र में बढ़ती जनसंख्या और शहरी विस्तार को देखते हुए विभिन्न स्थानों पर नए कूड़ा निस्तारण केंद्र स्थापित किए जाने की मांग उठाई है।
पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को प्रभारी तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद सनवाल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर नगर क्षेत्र में वैज्ञानिक एवं प्रभावी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था लागू करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि नगर निगम के 40 वार्डों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में ठोस कचरा निकल रहा है। जनसंख्या वृद्धि और नगर क्षेत्र के विस्तार के कारण मौजूदा कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में अधिकांश कचरे का निस्तारण एक ही केंद्र पर होने से संग्रहण, परिवहन और निस्तारण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
पार्षदों ने नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न उपयुक्त स्थानों पर नए कूड़ा निस्तारण केंद्र स्थापित कर विकेंद्रीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने की मांग की। कहा कि इससे कचरे के परिवहन की दूरी कम होगी, स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही प्रत्येक वार्ड में स्थानीय स्तर पर वैज्ञानिक तरीके से कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। ज्ञापन भेजने वालों में पार्षद अनिल रावत, जयप्रकाश ध्यानी, हिमांशु वर्मा और दीपक पांडे सहित अन्य लोग शामिल रहे।