कोटद्वार। राजकीय बेस अस्पताल में ढुलमुल व्यवस्थाओं का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। दरअसल, वार्ड बॉय की कमी के कारण तीमारदार ही मरीजों के स्ट्रेचर और व्हीलचेयर खींचने को मजबूर हैं। अस्पताल को 10 वार्ड बॉय मुहैया कराने की मांग की जा रही थी। लंबे इंतजार के बाद महज एक वार्ड बॉय मिला है।
बेसमेंट में इमरजेंसी वार्ड के अलावा एक्स-रे, सीटी स्कैन व एमआरआई यूनिट है। इसके अलावा ऊपरी मंजिलों पर मेडिकल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, पीडिया वार्ड, डेंगू वार्ड, ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू समेत कई वार्ड बने हैं। 300 बेड के अस्पताल में कोटद्वार ही नहीं गढ़वाल के दूरदराज क्षेत्रों से भी मरीज आते हैं। ज्यादातर बेड मरीजों से घिरे रहते हैं, लेकिन उन्हें आधारभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। दरअसल, मरीजों को लेकर आने वाले तीमारदारों को ही स्ट्रेचर एवं व्हील चेयर ढूंढकर लाने और खुद ही खींचने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
अस्पताल प्रशासन का कहना कि अस्पताल में मात्र तीन वार्ड बॉय रह गए थे। 10 वार्ड बॉय उपलब्ध कराने के लिए उच्चाधिकारियों को लगातार डिमांड भेजी जा रही थी। फिलहाल एक वार्ड बॉय मुहैया कराया गया है। बता दें कि जिस समय वार्ड बॉय की डिमांड भेजी जा रही थी, तब चार वार्ड बॉय थे। एक वार्ड कम होने पर जब तीन ही वार्ड बॉय शेष रह गए, तब एक वार्ड बॉय भेजा गया है। यानि स्थिति अब भी जस की तस बनी है।
पिछले कुछ वर्षों से 10 वार्ड बॉय की डिमांड की जा रही है, लेकिन अभी एक ही वार्ड बॉय मिला है। सीमित संसाधनों में भी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के प्रयास जारी हैं। -डॉ. डीके सिंह, प्रभारी सीएमएस, बेस अस्पताल कोटद्वार।