कोटद्वार। क्षेत्र में दो दिन से हो रही भारी बारिश से जहां पहाड़ों पर जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं इससे क्षेत्र में 19 सड़कें बाधित हो गई हैं। वाहनों का संचालन ठप होने से ग्रामीणों को पैदल ही चलना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा बुरा हाल यमकेश्वर, दुगड्डा, नैनीडांडा, बीरोंखाल और रिखणीखाल विकास खंडों की सड़कों का है। भारी बरसात से दुगड्डा-कांडी-लक्ष्मणझूला मार्ग भी ठप हो गया है। पीएमजीएसवाई की सड़कें एक सप्ताह से बंद पड़ी हैं।
कोटद्वार से सटे पहाड़ी इलाकों में बृहस्पतिवार से चल रही भारी बारिश का सिलसिला रुक-रुककर जारी है। मलबा आने और पुश्ते ढहने से क्षेत्र की 19 सड़कें बाधित हो गई हैं। सड़कों पर मलबा आने से कई वाहन रास्तों में फंस गए हैं। लोनिवि के प्रांतीय खंड दुगड्डा में दुगड्डा-कांडी-लक्ष्मणझूला मार्ग पर कई जगह मलबा आ गया है। मांडई गदेरे के उफान पर रहने से लोग पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। मुंडियापानी में कई जगह पहाड़ी से स्लिप आ गया है। अन्य सड़कें धारकोट-जुलेड़ी मार्ग, सैंज मार्ग और बरई-रथुवाढाब मार्ग भी मलबा आने से बंद पड़ा है।
बीरोंखाल, बैजरों और नैनीडांडा क्षेत्र की तीन सड़कें कई दिनों से बाधित चल रही हैं। यहां शंकरपुर-हल्दूखाल मार्ग, नैनीडांडा-शंकरपुर-हल्दूखाल मोटर मार्ग, चौखाल-जसपुरखाल बंडेली मार्ग पर कई जगह मलबा आया है। ग्रामीण श्याम सिंह रावत, घनश्याम सिंह और मुकेश सिंह का कहना है कि क्षेत्र की कई सड़कें सप्ताहभर से बंद पड़ी हैं। लोग बड़ी मुश्किल से आवाजाही कर रहे हैं। रोजमर्रा के काम के लिए पगडंडियों का सहारा लेना पड़ रहा है।
पीएमजीएसवाई सतपुली स्थित कोटद्वार की चार सड़कें मलबा आने से बंद पड़ी हैं। कमोवेश यही हाल पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड की सड़कों का है। दुगड्डा ब्लाक के दर्जनों गांवों को यातायात से जोड़ने वाली ऐता-चरेख उमरैला मार्ग पर भी कई जगह मलबा आ गया है। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से सड़कों के पुश्ते ढह गए हैं। दुगड्डा ब्लाक के जौरासी गांव निवासी चंडी प्रसाद कुकरेती, मनवर लाल भारती व अशोक कुमार का कहना है कि बारिश से पहाड़ी से मलबा आ रहा है तो नीचे से सड़कें धंस रही हैं। लोग जान जोखिम में आवाजाही करने को मजबूर हैं।