पूर्व में शाखाएं टूटने से हो चुके कई लोग चोटिल
कण्वघाटी/कोटद्वार। जशोधरपुर क्षेत्र में पेड़ गिरने से हुए हादसे के बाद क्षेत्रवासियों ने खतरे का सबब बने दर्जनों जर्जर और सूखे पेड़ों को कटवाने की मांग तहसील प्रशासन, वन विभाग और सिडकुल प्रशासन से की है। चेतावनी दी गई है कि पेड़ों से भविष्य के खतरे को देखते हुए यदि समय रहते नहीं कटवाया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन को मजबूर होंगे।
क्षेत्रीय पार्षद मनीष नैथानी, जेपी बहुखंडी, राकेश ध्यानी, शुभम कुमार, संजय कुमार, सुनील कुकसाल और अजीत सिंह का कहना है कि संबंधित विभागों को शुक्रवार को हुए हादसे से सबक लेने की जरूरत है। उनका कहना है कि किशनपुर मुख्य बाजार में भी पिछले वर्ष एक जर्जर पेड़ की बड़ी टहनी टूटकर सड़क पर गिर गई थी।
उस समय इसकी चपेट में आने से दो युवतियां बाल-बाल बच गई। कई लोग इन घटनाओं में चोटिल हो चुके हैं। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बावजूद क्षेत्र में खड़े अन्य जर्जर पेड़ों को हटाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। अकेले सिडकुल क्षेत्र में दर्जनों पेड़ खतरनाक बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि सिडकुल के जशोधरपुर स्थित खाली भूखंडों में पहले यूकेलिप्टस के पेड़ थे जिन्हें एक बार काटा जा चुका है लेकिन उनकी जड़ फिर से विशालकाय पेड़ का रूप धारण कर चुके हैं।
जशोधरपुर औद्योगिक आस्थान स्थित तीन प्लॉटों में खड़े पेड़ों का आकलन करने के लिए पूर्व में प्रभागीय वन अधिकारी को पत्र भेजा गया है। वन विभाग की आकलन रिपोर्ट मिलने का इंतजार है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-सन्नी चौहान, प्रभारी क्षेत्रीय प्रबंधक, सिडकुल सिगड्डी