बेमौसमी बारिश से गेहूं, मटर, चना, मसूर की फसलों को नुकसान
बेमौसमी बारिश से कोटद्वार भाबर समेत पर्वतीय क्षेत्र में फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। भाबर क्षेत्र में जहां खेतों में कटी व खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। वहीं पर्वतीय क्षेत्र में भी गेहूं, मटर, चना, मसूर आदि की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग की मानें तो क्षेत्र में करीब 33 फीसदी गेहूं की फसल प्रभावित हुई है।
बृहस्पतिवार रात को अचानक तेज हवाओं के साथ ही रुक-रुककर बारिश होती रही। शुक्रवार को भी दोपहर तक क्षेत्र में भारी बारिश हुई। बेमौसमी बारिश से भले ही लोगों को गर्मी से निजात मिल गई, लेकिन इससे काश्तकारों को काफी नुकसान हुआ है। तूफान और बारिश से जहां गेहूं, मटर, चना, मसूर की कटी और खड़ी फसलें खराब हो गई हैं। वहीं, बागवानी को भी नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं के चलने से आम, लीची के बौर, नींबू, माल्टा, खुबानी आदि के फल झड़ गए। पार्षद एवं किसान सलाहकार समिति के अध्यक्ष सुखपाल शाह ने कहा कि बेमौसमी बारिश से काश्तकारों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
बारिश से जहां कोटद्वार भाबर में कटी और खेतों में खड़ी गेहूं व अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं पर्वतीय क्षेत्र में भी फसलें प्रभावित हुई हैं। बारिश से 33 फीसदी फसलें खराब हुई हैं। काश्तकारों को हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
- अरविंद भट्ट, कृषि अधिकारी कोटद्वार।
तूफान, बारिश और ओलावृष्टि से आम और लीची की बौर व दाने झड़ गए हैं। इसके अलावा नींबू और माल्टा की फसलें भी 10 फीसदी तक प्रभावित हुई हैं।
- प्रभाकर सिंह, उद्यान विशेषज्ञ कोटद्वार।