सजवाणकांडा गांव में गुलदार का शिकार बनी बालिका के परिजनों ने आर्थिक सहायता का चेक यह कहकर लौटा दिया कि उन्हें कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनके कलेजे के टुकड़े की जान लेने वाले गुलदार का शव चाहिए।
उन्होंने चेक देने गांव में पहुंचे कैबिनेट मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी और डीएफओ राहुल का घेराव करते हुए गुलदार को मारने की मांग की। मंत्री की ओर से शूटरों की संख्या बढ़ाए जाने, निगरानी केंद्र स्थापित करने और वन कर्मियों की गश्त बढ़ाने जाने के आदेश जारी करने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।
रविवार को मंत्री नैथानी, डीएफओ नरेंद्रनगर राहुल, एसडीओ डीपी बलूनी, रेंजर केएस रावत और तहसीलदार एसएल चौरसिया गांव में पहुंचे तो लोगों ने उन्हें घेर लिया। मंत्री गुलदार का शिकार बनी बालिका सोनम के पिता को आर्थिक सहायता का चेक देने लगे, तो सोनम के पिता विशंभर ने चेक लेने से इनकार कर दिया। सोनम की मां सरिता और दादी गुल्ली देवी ने कहा कि जब तक वह नरभक्षी गुलदार को अपने सामने मरा हुआ नहीं देख लेते, तब तक वह इस आर्थिक मदद को नहीं लेंगे।
ग्रामीण वीरपाल, बलवीर भंडारी, विजय बिष्ट, सुनीता, पुष्पा, उमा और पूर्व प्रधान सोबनी देवी ने वन कर्मियों की टीम बदलने और नए शूटर को तैनात करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह गुलदार के भय से रोजमर्रा के कार्य नहीं कर पा रहे हैं।
लोगों की मांग पर मंत्री ने डीएफओ को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएफओ ने पौड़ी से शूटर राकेश बड़थ्वाल को तैनात करने, दो अन्य पिंजड़े लगाने, दिन रात वन कर्मियों की गश्त कराने और वन्य जीव निगरानी केंद्र स्थापित करने की कार्रवाई की। इधर, तहसीलदार चौरसिया ने बताया कि चेक ग्राम प्रधान को सौंप दिया गया है।