अभी गर्मी ने ठीक से दस्तक भी नहीं दी कि पेयजल किल्लत शुरू हो गई है। श्रीनगर क्षेत्र के सिल्काखाल की 105 बस्तियों के ग्रामीणों को इस वर्ष भी गर्मियों में पेयजल किल्लत से जूझना पड़ेगा। केंद्र से बजट निर्गत नहीं होने से पेेयजल आपूर्ति के लिए बनाई जा रही योजना का काम सितंबर से पहले पूरा नहीं हो पाएगा।
वर्ष 2014 में केंद्र सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय ग्रामीण जल आपूर्ति योजना के तहत 32 करोड़ की लागत से सिल्काखाल फेज-2 योजना का निर्माण शुरू किया गया था। इस योजना से सिल्काखाल की 105 बस्तियों में पेयजल आपूर्ति की जानी है। तीन वर्षों में योजना का करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। विभाग का लक्ष्य था कि इस वर्ष की गर्मियों से पहले क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी जाए। लेकिन केंद्र से बजट निर्गत नहीं होने से पंप हाउस व वितरण लाइन का रुक गया है। विभाग के सहायक अभियंता राकेश तिवाड़ी ने बताया कि 32 करोड़ के सापेक्ष विभाग को अब तक केवल 11 करोड़ ही मिले हैं। केंद्र सरकार यदि एक माह भीतर बजट निर्गत करती है तो सितंबर माह तक पेयजल आपूर्ति के प्रयास किए जाएंगे।
पेयजल आपूर्ति में हो रही देरी पर ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने कड़ा आक्रोश जताया है। जिला पंचायत सदस्य रंजन रतूड़ी, कैलाश बलूनी, सीमा देवी व राजेश्वरी देवी ने कहा कि बजट निर्गत कराए जाने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। जनप्रतिनिधियों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति करने की मांग की है।