कोटद्वार। डा. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल हिमालयन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में छात्रसंघ चुनावों को लेकर चल रहा हंगामे का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को करीब नौ घंटे तक प्राचार्य और शिक्षकों को बंधक बनाने के बाद शुक्रवार को कालेज खुलते ही एक बार फिर हंगामा खड़ा हो गया। अपनी मांगों को मनवाने के लिए शुक्रवार को कॉलेज पहुंचे छात्र नेताओं और उनके साथ आए बाहर के युवाओं ने प्राचार्य डा. एमएस रौतेला के साथ अभद्रता की, जिससे प्राचार्य की हालत बिगड़ गई। उन्हें सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद प्राचार्य मेडिकल लीव पर चले गए हैं। उन्होंने अपना कार्यभार डा. डीएस नेगी को सौंप दिया है। प्राचार्य के साथ अभद्रता की घटना से कॉलेज के शिक्षक और समस्त स्टाफ में आक्रोश फैल गया। उन्होंने जंतु विज्ञान भवन में ताला डालकर बैठक की और कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। पुलिस-प्रशासन ने कॉलेज में सुरक्षा के लिए पीएससी और पुलिस फोर्स तैनात कर दी है।
प्रभारी प्राचार्य डा. डीएस नेगी और मुख्य चुनाव अधिकारी डा. डीएम शर्मा ने बताया कि प्राचार्य के साथ अभद्रता और गाली-गलौच से शिक्षक और समस्त कॉलेज स्टाफ में रोष बना हुआ है। शिक्षकों ने घटना के विरोध में कार्य बहिष्कार कर दिया। सूचना मिलते ही कॉलेज पहुंचे तहसीलदार सीएस रावत, कोतवाल यूएस जिमिवाल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने कॉलेज प्रशासन के साथ वार्ता के बाद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने की बात कही। कोतवाल ने बताया कि प्रभारी प्राचार्य डीएस नेगी के साथ हुई वार्ता के बाद कॉलेज में पीएससी तैनात कर दी गई है। कोतवाली पुलिस भी कॉलेज प्रशासन से निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं।
प्रभारी प्राचार्य डीएस नेगी ने बताया कि पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने के बाद कार्य बहिष्कार वापस ले लिया गया है। कहा गया कि घटना की पुनरावृत्ति होने पर नामजद मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। 28 अगस्त से बिना आईडी के किसी भी विद्यार्थी को कॉलेज में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। नियमानुसार ही छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया कराई जाएगी। पुलिस प्रशासन की ओर से खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है, जो हर रोज कॉलेज में प्रवेश करने वाले बाहरी तत्वों पर निगाह बनाए रखेंगे। तहसीलदार सीएस रावत ने बताया कि पुलिस-प्रशासन के साथ कॉलेज प्रबंधन की बैठक कर सुरक्षा संबंधी सवाल सुलझा लिए गए हैं।
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