लेह में हुए सड़क हादसे में मारे गए सैनिक पूरण सिंह का उनके गांव में पैतृक घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वह 18वीं गढ़वाल राइफल में लेह में चालक के पद पर तैनात थे।
रविवार को थलीसैंण की पट्टी चोथान के ग्राम स्यूंसाल निवासी पूरण सिंह भंडारी (32) का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव स्यूंसाल लाया गया। शव के गांव आते ही कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। घाट पर श्रद्धांजलि देने के लिए क्षेत्रीय विधायक गणेश गोदियाल, ब्लाक प्रमुख शिव सिंह गुसाई, दर्शन सिंह रिंगोडा, यशपाल गोरला, नीरज ढोंडियाल उपजिलाधिकारी थैलीसैंण मायादत्त जोशी व मेजर रोहित चंदोला सहित ग्रामीण मौजूद थे।
जानकारी के अनुसार, 24 फरवरी की दोपहर पूरण सिंह लेह में अपने सात साथियों के साथ रसद लेकर चौकी पर जा रहे थे। तभी अचानक उनका वाहन अनियंत्रित होकर पचास मीटर गहरी खाई में जा गिरा। इसमें पूरण सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। उनके घर में माता बसंती देवी, पत्नी लक्ष्मी देवी, पुत्र-पुत्री अमन-जीया और भाई महिपाल और धीरज भंडारी हैं।