पौड़ी जिले की क्राइम इंवेस्टीगेशन यूनिट (सीआईयू) ने बिना सरकार की अनुमति के कोरोना टेस्ट कर रही एक प्राइवेट पैथोलॉजी लैब का भांडा फोड़ किया। मनमाने दाम वसूल कर फर्जी रिपोर्ट दे रही पैथोलॉजी लैब से पुलिस ने 22 रैपिड एंटिजन किट और बिल बुक जब्त कर लैब के संचालक डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया।
बुधवार दोपहर में सीओ अनिल कुमार जोशी और सीआईयू यूनिट प्रभारी इंस्पेक्टर विजय सिंह ने कोविड-19 के सरकारी डॉक्टर डॉ. फिरोज आलम और पुलिस कर्मियों के साथ देवी रोड पर स्थित एक पैथोलॉजी माही लैब पर छापा मारा। पुलिस ने लैब संचालक से कोरोना टेस्ट से संबंधित कागजात मांगे, लेकिन वह किसी प्रकार की सरकारी अनुमति का पत्र नहीं दिखा पाया। पुुलिस ने उसके पास एक पैकेट में मौजूद 22 रैपिड एंटिजन किट और बिल बुक बरामद की। बिल बुक से पूर्व में कोविड आरटीपीसीआर और वर्तमान में कोविड रैपिड एंटीजन टेस्ट करने की पुष्टि होने पर लैब के संचालक डॉक्टर महिपाल सिंह निवासी शिवपुर कोटद्वार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे खुली पैथोलॉजी लैब की पोल
सीओ अनिल जोशी ने बताया कि उक्त लैब से बिना इजाजत कोरोना टेस्ट करने की शिकायतें मिल रही थी। पुलिस ने अपने एक मुखबिर को लैब में कोरोना टेस्ट करने के लिए भेजा। जहां पर संबंधित संचालक डॉक्टर ने उसका रैपिड एंटीजन टेस्ट किया और उससे 900 रुपये वसूल लिए। मुखबिर ने उससे एंटीजन टेस्ट की कॉपी और 900 रुपये की रसीद हासिल कर पुलिस को सौंप दी। सबूत मिलने और पुष्टि होते ही पुलिस ने छापा मारा।
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लैब के पास नहीं मिली किसी प्रकार की इजाजत
कोविड-19 के डॉ. फिरोज आलम ने बताया कि लैब के संचालक से सीएमओ पौड़ी की ओर से दी गई अनुमति का पत्र दिखाने को कहा गया, लेकिन वह नहीं दिखा पाया। जांच में पाया गया कि उसने कोविड जांच के लिए आज तक प्रदेश सरकार और न ही सीएमओ को आवेदन किया है। वह नियमों के विरुद्ध लोगों की फर्जी रैपिड एंटीजन और आरटीपीसीआर टेस्ट कर रहा था। इसकी रिपोर्ट सीएमओ पौड़ी को भेज दी गई है।