कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रदेश सरकार के द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का कोटद्वार में पालन नहीं हो रहा है। यहां प्रशासन की लापरवाही और लोगों की जागरूकता की कमी के कारण सार्वजनिक स्थानों में भीड़ उमड़ रही है। बेस अस्पताल, तहसील, बस अड्डों पर लोगों का जमघट लगा हुआ है। कोरोना को देखते हुए प्रशासन के पास न तो नियंत्रित करने और न ही जागरूक करने की योजना है।
उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में फैल रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए एक स्थान पर 50 से अधिक लोगों को एकत्र नहीं करने और अस्पतालों में भर्ती मरीजों को नहीं मिलने देने के निर्देश दिए गए हैं। कोरोना की रोकथाम को लेकर सरकार ने लोगों से एक दूसरे से एक मीटर की दूरी पर रखने, बार-बार हाथ धोने, मास्क पहनने और बिना हाथ धोए चेहरे को हाथों से नहीं छूने की एडवाइजरी जारी की है, लेकिन स्थानीय प्रशासन पर सरकार के इस आदेश का असर नहीं दिख रहा है।
लापरवाही का आलम यह है कि पौड़ी जिले की 80 फीसदी आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाला कोरोना संक्रमण को लेकर कोटद्वार बेस अस्पताल अति संवेदनशील बना हुआ है। यहां जागरूकता के अभाव में सैकड़ों लोग ओपीडी पर्ची कटाने के लाइन और डाक्टरों के बाहर एक दूसरे के करीब बिना सुरक्षा उपकरणों के बैठे हुए हैं। मरीजों के भर्ती वार्डों में तीमारदारों का जमघट लगा हुआ है। अस्पताल में कोरोना को लेकर किसी प्रकार जागरूकता के बैनर, पोस्टर, पर्चे नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में एक भी कोरोना से संक्रमित मरीज के आने से सैकड़ों लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।
कोरोना संक्रमण को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। इसके लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। अस्पताल और नगर निगम प्रबंधन को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
- योगेश मेहरा, एसडीएम कोटद्वार