पीजी कालेज, कोटद्वार में सीटीई कोटद्वार की ओर से उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के माध्यमिक स्तर के अध्यापकों के लिए ‘कक्षा शिक्षण प्रबंधन’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थी से समन्वय स्थापित करने, कक्षा शिक्षण के दौरान कठोर व्यवहार से बचने, विषय की तैयारी के साथ संप्रेषण पर भी ध्यान देने पर जोर दिया गया।
महाविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ प्राचार्या डा. जानकी पंवार, बीएड विभाग के विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ प्राध्यापक डा. डीएम शर्मा ने किया। प्राचार्या डा. जानकी पंवार ने कहा कि कक्षा प्रबंधन के साथ ही अध्यापकों को अपनी गरिमा बनाई रखनी जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के साथ मृदुल व्यवहार करने और सरलता से कक्षा शिक्षण में आने का आह्वान किया। बीएड विभाग की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। सीटीई के समन्वयक डा. अमित कुमार जायसवाल ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस मौके पर रिसोर्स पर्सन डा. निरंजना शर्मा, डा. स्वाति नेगी, डा. सुषमा थलेड़ी, डा. हितेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। प्रथम तकनीकी सत्र में डा. अमित कुमार जायसवाल ने कक्षा शिक्षण प्रबंधन के अर्थ, परिभाषा, नियम एवं विस्तार के विषय पर चर्चा की और प्रबंधन की आवश्यकता व प्रबंधन के 20 सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थी से समन्वय स्थापित करने, कक्षा शिक्षण के दौरान कठोर व्यवहार से बचने, विषय की तैयारी के साथ संप्रेषण पर भी ध्यान देने पर जोर दिया। द्वितीय सत्र में डा. स्वाति नेगी ने ‘कक्षा प्रबंधन व विद्यालय परिवेश’ विषय पर जानकारी दी। तृतीय सत्र में डा. डीएम शर्मा ने प्रबंधन के सिद्धांत, नियोजन, संगठन, स्टाफिंग, समन्वयन, निर्देशन एवं बजटिंग के बारे में बताया। सभी सत्रों के दौरान प्रतिभागियों की सभी शंकाओं व प्रश्नों पर चर्चा कर संतोषजनक उत्तर दिए गए। कार्यशाला में गढ़वाल मंडल के सात जिलों के माध्यमिक शिक्षक के साथ ही साथ बीएड के प्रथम वर्ष के प्रशिक्षणार्थी शिरकत कर रहे हैं।