श्रीनगर। सुमाड़ी गांव में बन रहे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान उत्तराखंड (एनआईटी) के स्थायी परिसर का निर्माण कार्य सोमवार को नौंवे दिन भी ठप रहा। इस दौरान धरने पर बैठे ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होगी तब तक धरना जारी रहेगा। साथ ही तहसीलदार ने ग्रामीणों से आंदोलन वापस लेने के लिए वार्ता की लेकिन वार्ता विफल रही।
स्थायी परिसर निर्माण स्थल पर धरना प्रदर्शन के दौरान डाॅ. सुधीर जोशी ने कहा कि प्रशासन की ओर से वार्ता की जा रही है लेकिन कंपनी के अधिकारी उनसे वार्ता करने को तैयार नहीं हैं। कहा जब तक कंपनी के मालिक उनसे वार्ता नहीं करेंगे तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। निर्माणदायी कंपनी की ओर से कई अनियमितताएं की जा रही हैं। इसी के साथ ग्रामीण एसटीपी प्लांट लगाने, सड़क मार्ग की सफाई कराने व अवैध रूप से डंप किए जा रहे मलबे को साफ कराने व स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के तौर पर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनआईटी के लिए ग्रामीणों ने अपनी भूमि निशुल्क दी लेकिन अब स्थानीय लोगों की अनदेखी की जा रही है। तहसीलदार दीपक भंडारी ने लोगों से आंदोलन वापस लेने को लेकर वार्ता की लेकिन वार्ता सफल नहीं रही। मौके पर क्षेत्र पंचायत सदस्य सुरजीत सिंह बिष्ट, प्रधान अभिनय धनाई, अंजु, मनीष रावत, जितेंद्र धनाई, सुनीता देवी, सीता देवी, जगमोहन सिंह तड़ियाल आदि मौजूद रहे।