गत 29 जून को प्रसव के दौरान हुई जच्चा-बच्चा की मौत की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग और पर्वतीय क्षेत्र में लचर स्वास्थ्य सेवाओं के विरोध में कांग्रेसियों ने रिखणीखाल, जयहरीखाल और कोटद्वार में कैंडल जलाते हुए धरना-प्रदर्शन किया। सरकारी अस्पतालों के समक्ष विरोध प्रदर्शन करते हुए कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार पर बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लापरवाही का आरोप लगाया।
रिखणीखाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीनबंधु बलोधी की अध्यक्षता में स्व. स्वाति ध्यानी और उनके नवजात शिशु की याद में कार्यकर्ताओं ने कैंडल जलाया। ब्लाक प्रमुख मनोहर देवरानी, जिला पंचायत सदस्य विनयपाल सिंह नेगी, शालिनी बलोधी, पूर्व प्रमुख पिंकी नेगी, रमेश रावत और धीरेंद्र बिष्ट की अगुवाई में कांग्रेसियों ने रिखणीखाल में जच्चा-बच्चा की मौत की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की। धरना-प्रदर्शन में कांग्रेसियों ने रिखणीखाल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्सरे समेत विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की मांग की।
जयहरीखाल स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ब्लाक प्रमुख दीपक भंडारी और मनमोहन असवाल की अगुवाई में कांग्रेसियों ने धरना-प्रदर्शन किया। यहां धरने में महाराज बिष्ट, चंद्रमोहन रावत, सुरेंद्र चौहान, आनंदमणि मैंदोला, महेंद्र गुसाई आदि मौजूद रहे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता धीरेंद्र प्रताप, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, मेयर हेमलता नेगी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष डा. चंद्रमोहन खर्कवाल, महानगर अध्यक्ष संजय मित्तल, शकुंतला चौहान, कृष्णा बहुगुणा, बलवीर सिंह रावत, हेमचंद्र पंवार, विजय रावत, राजेंद्र गुसाई समेत कई लोगों ने कैंडल जलाकर स्व. स्वाति ध्यानी को श्रद्धांजलि दी।