केंद्र सरकार पर लगाया मनरेगा का नाम व स्वरूप बदलने का आरोप
कोटद्वार। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने झंडीचौड़ पश्चिमी स्थित रामलीला मैदान में बाबा साहब की प्रतिमा के समक्ष मनरेगा बचाओ अभियान के तहत रविवार को धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मनरेगा, बाबा साहेब के सामाजिक न्याय के सिद्धांत और बापू के श्रम, स्वाभिमान की विरासत के संगम पर खड़ी योजना है। इसे समाप्त करने का कोई प्रयास स्वीकार नहीं होगा।
रविवार को किए गए प्रदर्शन में पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि तत्कालीन यूपीए सरकार में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर मनरेगा योजना शुरू की गई थी। यह योजना गरीब एवं श्रमिक परिवारों का आर्थिक सुरक्षा कवच है। वर्तमान में इस योजना के नाम और स्वरूप को बदलने का प्रयास महात्मा गांधी के प्रति देश की ऐतिहासिक स्मृति और उनके योगदान को कमजोर करने की साजिश है। पहले पाठ्यक्रमों में और अब योजनाओं में गांधी के नाम को धूमिल करना स्वतंत्रता आंदोलन और लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है।
सभा की अध्यक्षता करते हुए महानगर अध्यक्ष मीना बछवाण ने कहा कि केंद्र सरकार शहरों की चमक-दमक में ग्रामीण भारत की हकीकत छिपाना चाहती है। मनरेगा के बजट में कटौती एवं कार्य दिवस घटाना श्रमिक के जीवन से खिलवाड़ और गांधी की सोच पर वार है। धरना प्रदर्शन करने वालों में गीता सिंह, विजयपाल मेहरा,जगदीश मेहरा, मंगत राम, अनिल गुसाईं, शिवम भूषण शाह समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।