आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय 18 हजार करने सहित सात सूत्री मांगों को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना-प्रदर्शन 43वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को मेयर हेमलता नेगी और पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांगों का समर्थन करते हुए उनके साथ धरना दिया।
सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और सेविकाएं तहसील पहुंची। यहां उन्होंने मांगों को लेकर तहसील में धरना दिया। इस मौके पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि वह अपनी लंबित मांगों को लेकर लगातार संघर्षरत हैं, लेकिन बावजूद इसके प्रदेश सरकार की ओर से उन्हें अभी तक कोई भी आश्वासन नहीं मिला है। आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा आंदोलन को कुचलने के लिए विभागीय दबाव बनाया जा रहा है। पहले जिला स्तर पर ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नोटिस भेजे जा रहे थे। लेकिन, अब ब्लॉक स्तर पर भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नोटिस भेजकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है।
पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि राज्य की विषम भौगौलिक परिस्थितियों में प्रदेश एवं केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को भी धरातल उतराने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दिनरात मेहनत कर रही हैं। कार्यकर्ताओं का आंदोलन प्रदेश सरकार के उदासीन रवैए को दर्शाता है। कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से वार्ता करने का भरोसा दिया।
धरना-प्रदर्शन करने वालों में ब्लॉक अध्यक्ष दुगड्डा सुनीता देवी, पूर्व जिलाध्यक्ष बसंती रावत, रोशनी देवी, रोशनी चौहान, कृष्णा बलूनी, ऊषा देवी, अनामिका, सावित्री, पुष्पा नेगी, हेमलता बिष्ट, कल्पना देवी, सुनीता शाह, रेखा बिष्ट, देवकी नेगी, जगमोहन सिंह नेगी, कुसुम असवाल, कृष्णा बहुगुणा, संजय मित्तल, विजय नारायण सिंह, दर्शन सिंह रावत, बलवीर सिंह रावत, बिजेंद्र चौधरी, विजय माहेश्वरी, विजय रावत, छात्रसंघ अध्यक्ष हिमांशु बहुखंडी, राजेंद्र नेगी, महावीर सिंह रावत आदि शामिल रहे।