प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के लिए अपशब्दों का प्रयोग करने के आरोप में युवाओं पर पुलिस की ओर से किए गए मुकदमों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसील में प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्यपाल से मुकदमों को वापस लेने और राष्ट्रपति से अग्निपथ योजना पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ता तहसील में एकत्र हुए। उन्होंने अग्निपथ सेना भर्ती योजना और युवाओं के खिलाफ किए गए मुकदमों के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि 17 जून को केंद्र सरकार की अग्निपथ सेना भर्ती योजना के खिलाफ युवा आंदोलन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं ने आवेश में आकर नारेबाजी की थी, जिसके आरोप में कोटद्वार पुलिस ने 100 अज्ञात युवाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कहा कि मुकदमे में युवाओं के नाम दर्ज होने का असर उनके भविष्य पर पड़ सकता है। इसलिए मानवता के नाते उन मुकदमों को वापस लिया जाना चाहिए।
राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में कांग्रेस गौरव सैनानी संगठन के अध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह रावत ने अग्निपथ योजना का विरोध किया। कहा कि योजना का सेना के मूलभूत ढांचे और सेना की क्षमताओं पर असर पड़ेगा। इसका पूर्वानुमान रक्षा विशेषज्ञ भी लगा चुके हैं। उन्होंने देश हित में केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों में धीरेेंद्र बिष्ट, साबर सिंह नेगी, विजय रावत, कुलवंत पुंडीर, बृजपाल सिंह नेगी, सुदर्शन सिंह रावत, उत्तम सिंह, प्रमोद रावत, ललित कोठियाल आदि शामिल थे।