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Kotdwar News: निर्धारित समय में पूरा करें निर्माणाधीन मालन पुल का निर्माण

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कोटद्वार। लोनिवि के मुख्य अभियंता ओमप्रकाश ने अधीनस्थ अधिकारियों और कंसल्टेंट कंपनी के विशेषज्ञों के साथ निर्माणाधीन मालन पुल का निरीक्षण किया। इस मौके पर निर्माण कार्य में तेजी लाकर इसका निर्माण निर्धारित समय के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। कंसल्टेंट कंपनी के विशेषज्ञों ने पुल के डिजायन के अनुसार हो रहे कार्यों का भी निरीक्षण किया।

शनिवार को मुख्य अभियंता ओमप्रकाश और कंसल्टेंट कंपनी के विशेषज्ञ पीके चमोली ने निर्माणाधीन मोटर पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने लोनिवि के स्थानीय अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसी से निर्माण की प्रगति की जानकारी ली। बताया कि पुल का निर्माण निर्धारित तय डिजायन और डीपीआर के अनुसार हो रहा है। लोनिवि दुगड्डा की ओर से कार्यदायी एजेंसी क्षतिग्रस्त मालन पुल का निर्माण दिन रात निर्माण कर रही है। मुख्य अभियंता ने पुल के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश कार्यदायी एजेंसी को दिए। इस मौके पर अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह, सहायक अभियंता सत्यप्रकाश राठौर, एई कंचन मुयाल, अवर अभियंता अजीत सिंह, हरपाल सिंह, कार्यदायी एजेंसी मैसर्स हिमालयन कंस्ट्रक्शन के प्रबंध निदेशक नितिन गर्ग आदि मौजूद रहे।
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13 जुलाई, 2023 को क्षतिग्रस्त हो गया था पुल



करीब डेढ़ साल पहले 13 जुलाई, 2023 को बाढ़ व भूकटाव से भाबर रोड पर मोटाढाक और हल्दूखाता के बीच मालन नदी पर 325 मीटर स्पान का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। लोनिवि दुगड्डा ने आईआईटी बीएचयू के वैज्ञानिकों से इसका डिजायन और डीपीआर तैयार कराया गया। पुल के पिलरों के निर्माण के लिए लोनिवि ने मालन पुल पर बढ़ते वाहनों के दबाव और नदी के बहाव को का अध्ययन किया। जिसे देखते हुए पुल के सभी 12 पिलरों को वेल (कुंआ) तकनीक से बनाने के लिए डिजायन तैयार किया गया। इसी डिजायन व डीपीआर के हिसाब से काम हो रहा है। मालन पुल पर कुल 13 स्लैब थे। जिसमें एक स्लैब तब नदी में गिरने से टूट गया था। उसे नया बनाया जा रहा है। बाकी 12 स्लैब लिफ्ट व शिफ्ट तकनीक से हटाकर सुरक्षित रखे गए हैं। जिन्हें नए बने पिलरों पर शिफ्ट किया जा रहा है। एक स्लैब की लंबाई 25 मीटर व चौड़ाई करीब 7 मीटर है। वजन भी 800 टन है, ऐसे में इन्हें दिल्ली मैट्राे पैनल की तर्ज पर लिफ्ट व शिफ्ट करना पड़ा। शासन की ओर से पुल के निर्माण के लिए 26.76 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
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पुल का निर्माण कार्य मार्च अंतिम सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। निर्माणाधीन पुल के 12 में से 7 पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 2 पिलर निर्माणाधीन हैं। बनकर तैयार हुए पिलरों पर दो स्लैब शिफ्ट कर दिए गए हैं। अब केवल 3 पिलरों का निर्माण होना बाकी है, जिन पर स्लैब सुरक्षित तरीके से लिफ्ट कर शिफ्ट किए गए हैं।

-निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि दुगड्डा



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