राजकीय महाविद्यालय कोटद्वार की अव्यवस्थाओं के खिलाफ प्रभारी प्राचार्य का घेराव करते छात्र।
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राजकीय महाविद्यालय कोटद्वार में व्याप्त अव्यवस्थाओं से आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने प्राचार्य कक्ष में जमकर हंगामा किया। छात्र संघ अध्यक्ष हिमांशु बहुखंडी और सचिव अतुल डोबरियाल ने प्राचार्य कक्ष में धरना देकर प्रभारी प्राचार्य के समक्ष नाराजगी व्यक्त की।
सोमवार को महाविद्यालय में फिजिक्स, बॉटनी की कक्षाओं में छात्र-छात्राएं पहुंचे, लेकिन कक्षाओं में प्राध्यापकों के नहीं पहुंने पर वे भड़क गए। उन्होंने इसकी सूचना छात्र संघ के अध्यक्ष को दी। इसके बाद आक्रोशत छात्र-छात्राओं ने प्राचार्य कक्ष में एकत्र होकर नारेबाजी के साथ जमकर हंगामा काटा। उन्होंने प्राचार्य के अवकाश पर होने के कारण प्रभारी प्रचार्य डॉ. डीएम शर्मा के समक्ष नाराजगी व्यक्त की। छात्र संघ अध्यक्ष और सचिव ने प्राध्यापकों को कक्षाओं में भेजने की मांग को लेकर प्राचार्य कक्ष में धरना दिया। इस अवसर पर छात्रसंघ अध्यक्ष हिमांशु बहुखंडी ने महाविद्यालय प्रबंधन पर शिक्षा व्यवस्था चौपट करने और महाविद्यालय में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगाने का आरोप लगाया। कहा कि बच्चे महाविद्यालय में शिक्षा लेने के लिए आते हैं, लेकिन आए दिन प्राध्यापकों के गायब रहने से बच्चों की शिक्षा पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। महाविद्यालय के गेट पर बच्चों के आईडी कार्ड चेक नहीं होते हैं, जिसके कारण कैंपस में असामाजिक तत्व घूमते रहते हैं। इसके कारण ही महाविद्यालय के ताले टूट रहे हैं।
सोमवार को फिजिक्स विभाग का एक भी प्राध्यापक नहीं है, बीएससी प्रथम सेमेस्टर बाटनी की कक्षा में 90 बच्चे प्राध्यापक का इंतजार करते रहे। बाटनी विभाग के वाटर कूलर में पानी नहीं है तो हिंदी विभाग बीए में पंखें नहीं चले रहे हैं, कक्ष में जाले लगे हुए हैं। अव्यवस्थाओं के चलते कोटद्वार महाविद्यालय बदनाम हो रहा है। उन्होंने महाविद्यालय की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए मुख्य गेट पर आईडी कार्ड की चेकिंग के बाद छात्रों को महाविद्यालय में प्रवेश देने, गेट के पास चौकीदार के रात को रहने की व्यवस्था करने, प्राध्यापकों को निर्धारित समय पर कक्षाओं में भेजने और महाविद्यालय में फर्नीचर, पानी और पंखों की व्यवस्था करने की मांग की। इसके बाद प्रभारी प्राचार्य द्वारा बिना आईडी कार्ड के किसी को महाविद्यालय में प्रवेश नहीं देने और अन्य व्यवस्थाओं को बनाने का आश्वासन देने के बाद छात्र प्राचार्य कक्ष से बाहर गए।