बोले, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में पिछड़ चुका है कोटद्वार
रोजगार के अभाव में युवा वर्ग पलायन करने को मजबूर
कोटद्वार। आमजन की विभिन्न मांगों के समर्थन और सरकार की नीतियों के विरोध में नागरिक मंच के बैनर तले लोगों ने तहसील में धरना प्रदर्शन करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
नागरिक मंच के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश नैथानी की अध्यक्षता में शनिवार सुबह तहसील परिसर में धरना सभा हुई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में कोटद्वार काफी पिछड़ चुका है। तकनीकी शिक्षण संस्थानों में ट्रेड का अभाव है। रोजगार के अभाव में युवा वर्ग पलायन कर रहा है। पर्यटन विकास के क्षेत्र में कोटद्वार में उल्लेखनीय कार्य नहीं हुए। जब पर्यटक आएंगे ही नहीं, तो रेलवे स्टेशन और रोडवेज डिपो के करोड़ों के बजट से भवन बनाने का कोई लाभ नहीं।
सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा पूर्व में की गई घोषणाएं हवाई साबित हुई हैं। कोटद्वार को जिला घोषित करना, मेडिकल कॉलेज की स्थापना, मोटर नगर प्रकरण का निराकरण, कंडी रोड निर्माण की मांगें आज भी लंबित हैं। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य शंकरदत्त गौड़ के संचालन में आयोजित बैठक में राजेंद्र पंत, चित्रमणि देवलियाल, प्रवेश नवानी, पीएल खंतवाल, कृष्ण बड़थ्वाल, हरीशचंद्र कुंडलिया, गोविंद डंडरियाल, सुनील कोटनाला, राकेश अग्रवाल, इंद्रमणि देवरानी, मुजीब नैथानी आदि ने विचार रखे।
प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कंडी मार्ग का निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, मेडिकल कॉलेज स्थापना, महाविद्यालय में व्यावसायिक कोर्स की शुरुआत करने समेत कई मांगें शामिल की गईं। ज्ञापन देने वालों में नागरिक मंच के महासचिव अतुल भट्ट, केसीराम निराला, जेपी ध्यानी, रिपुदमन बिष्ट, वीरेंद्र सिंह रावत, अयोध्या प्रसाद शर्मा, विजयपाल नेगी, भारत मोहन काला, शंकरदत्त गौड़, हुकुम सिंह पटवाल, जगदीश जोशी, रमेश नेगी, शशि मोहन उनियाल, अर्जुन सिंह रावत शामिल रहे।