खाद्य आपूर्ति विभाग की लापरवाही बीरोंखाल ब्लाक के ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। विभाग सरकारी सस्ता गल्ला की दुकानों में सड़ा हुआ राशन सप्लाई कर रहा है जिसके कारण लोग राशन को उपयोग न खुद कर रहे हैं और न ही मवेशियों को दे रहे हैं। सड़ी-गली राशन मिलने से क्षेत्र के लोगों में विभाग के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।
ग्राम सभा ढोंड निवासी चंदन लाल, विनोद सिंह ने बताया कि उनको पांच महीने बाद राशन मिली, लेकिन उस राशन से तीखी गंध आ रही है। डर के मारे उन्होंने नहीं खाया। उन्होंने वह राशन अपनी पालतू मुर्गियों को खिलाया, जिसके कारण उनकी मुर्गियों की मौत हो गई। कहा कि चीनी भी गीली मिल रही है जिससे बदबू आ रही है। राशन डीलरों से इसकी शिकायत करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें सरकारी डिपो से ही गीली चीनी और सड़ा राशन मिला है जिसे वे लोगों को आवंटित कर रहे हैं। मटेला के क्षेत्र पंचायत सदस्य दीप्ति प्रकाश ने इस मनमानी व गड़बड़ी की जांच की मांग की है।
बीरोंखाल के खाद्य पूर्ति अधिकारी बी एस रावत की मानें तो चीनी बारिश के कारण गीली हो गई। राशन डीलरों का भी मानना है कि बोरी से चीनी निकाल कर वजन बढ़ाने के लिए जबरदस्ती पानी डाला गया है।
इस संबंध मे जिला पूर्ति अधिकारी केपी पैन्यूली ने माना कि बीरोंखाल के खाद्य पूर्ति अधिकारी के खिलाफ लापरवाही की शिकायतें मिली हैं, इसलिए उनके खिलाफ जांच व कार्रवाई की जाएगी।