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Kotdwar News: बच्चों पर विंटर डायरिया का अटैक, अस्पताल में बढ़ी बीमार बच्चों की संख्या

Wed, 07 Jan 2026 05:13 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
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सूखी ठंड के कारण बच्चों में पेट दर्द और उपकाई की समस्या बढ़ी, नजला, जुकाम, खांसी हुआ आम
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प्रतिदिन अस्पताल पहुंच रहे हैं 50 से ज्यादी पीड़ित बच्चे
कोटद्वार। सूखी ठंड होने से नवजात से 10 वर्ष के बच्चों पर विंटर डायरिया का अटैक हो रहा है। विंटर डायरिया से पीड़ित 50 से ज्यादा बच्चे हर दिन अस्पताल में पहुंच रहे हैं। वहीं, ठंड से नजला, जुकाम, खांसी और बदन दर्द की समस्या लेकर भी लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं।
बारिश नहीं होने और धूप नहीं खिलने से शीत का असर काफी अधिक महसूस हो रहा है। हालांकि बुधवार को हल्की धूप खिली लेकिन शीतलहर और तापमान गिरने के कारण धूप का केवल गुनगुना एहसास ही हुआ। वहीं, सूखी ठंड कम उम्र के बच्चों को ज्यादा प्रभावित कर रही है। बेस अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हरेंद्र सिंह, डॉ. कुसुमा रावत के पास हर दिन औसतन 50 से ज्यादा बच्चे विंटर डायरिया से पीड़ित हैं। ऐसे बच्चों में कंपकंपी के साथ ही पेट में दर्द और सूखी उपकाई की समस्या सामने आ रही है।
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अस्पताल में हर दिन 100 से 150 बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें हर तीसरे बच्चे में विंटर डायरिया की समस्या नजर आ रही है। किसी किसी बच्चे में सांस लेने में दिक्कत और पसलियां चलने जैसी समस्या भी नजर आ रही है। बच्चों को बेहतर उपचार देने के साथ ही चिकित्सक वर्ग परिजनों को बच्चों को ठंड से बचाने के साथ साथ उनके खान-पान में भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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- डॉक्टर्स टिप्स
पानी का सेवन बहुत जरूरी है, बच्चों को गुनगुना पानी पिलाएं।
ठंडे पदार्थ खाने से बचें, गर्म तासीर वाले खाद्य व पेय पदार्थ लें।
तली व मसालेदार चीजों को खाने से बचें, पाचन तंत्र ठीक रखें।
दिन में जब भी उचित लगे, बच्चों को कुछ देर धूप में जरूर बैठाएं।
आवश्यकता अनुसार परत बनाकर गर्म कपड़े पहनाएं।
लिहाफ में भी कंपकंपी लगने पर हीट पैड से बचाव करें।

बारिश के अभाव में सूखी ठंड के कारण विंटर डायरिया की समस्या काफी बढ़ गई है। सावधानी में ही बचाव है। इसलिए बच्चे मास्क या रुमाल से नाक-मुंह ढककर रखें, गर्म पानी जरूर पीएं। परिजन बच्चों का घरेलू उपचार करने से बचें, चिकित्सीय परामर्श लें। -डॉ. हरेंद्र सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ, बेस अस्पताल कोटद्वार।
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