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चाई के ग्रामीणों ने 20 साल से मलबे में दबा जल स्रोत खोजा

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जयहरीखाल ब्लाक के चाई गांव में प्राकृतिक जल स्रोत की सफाई करते ग्रामीण। - फोटो : KOTDWAR
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कोटद्वार। प्राकृतिक स्रोतों को पुनर्जीवित करने की कोशिश में चाई के ग्रामीणों ने 20 साल से मलबे में दबा एक जल स्रोत खोज निकाला। उन्होंने मलबा हटाकर आस पास की झाड़ियां साफ कर उसके पानी को पीने लायक बना दिया है। इसके अलावा उन्होंने मधुगंगा नदी के साथ ही गांव के दो अन्य जल स्रोतों की भी सफाई कर पानी को पीने लायक बनाया है।
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जयहरीखाल ब्लॉक स्थित इस चाई गांव के युवाओं ने पीने के पानी की समस्या को देखते हुए प्राकृतिक स्रोतों को पुुनर्जीवित करने का अभियान छेड़ा हुआ है। युवाओं की मेहनत रंग ला रही है तो उनका जोश भी बढ़ने लगा है। अब वह हरेला पर जल स्रोतों के आस पास सघन पौधरोपण की तैयारी में हैं, ताकि गर्मी के मौसम में भी रिचार्ज जल स्रोतों में पानी कम न हो।
पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् डॉ. पदमेश बुड़ाकोटी बताते हैं कि युवाओं ने एक पखवाड़े में ग्राम स्वच्छता अभियान चलाकर पहले गांव की मुख्य सड़क और पांच अन्य रास्तों से लैंटाना की झाड़ियां साफ कीं। अब वह जल संरक्षण कर रहे हैं। डॉ. बुड़ाकोटी के अनुसार अभियान से महेश चंद्र, दिनेश चंद्र, संगीत बुड़ाकोटी, प्रदीप, संतोष, बुड़ाकोटी, शिवांग, आशीष, पंकज, जगदंबा प्रसाद, विकास नमिता, शोभा, मीना, सीमा, साक्षी, सर्वेश, विकास, अशोक बुड़ाकोटी आदि ग्रामीण जुड़े हुए हैं।
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