जनरल बिपिन रावत के सीडीएस बनने की खुशी में उनके पैतृक गांव सैंण में एक दूसरे को मिठाई खिलाते परिज?
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देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बने पूर्व थलसेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के पैतृक गांव सैंण में बुधवार को जमकर जश्न मनाया गया। गांव के बेटे के सीडीएस बनने की खुशी में बुधवार को गांव पहुंचे परिजन और ग्रामीण ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर थिरके। इस मौके पर लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई।
पौड़ी जिले के द्वारीखाल ब्लॉक की ग्राम पंचायत बिरमोली का सैंण गांव देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत का पैतृक गांव हैं। बुधवार को गांव में जश्न का माहौल रहा। एक ओर जहां दिल्ली के साउथ ब्लॉक में सीडीएस के रूप में जनरल बिपिन रावत की ताजपोशी चल रही थी, वहीं दूसरी ओर उनके पैतृक गांव सैंण में लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। गांव के बेटे के देश के सबसे बड़े सैन्य ओहदे पर पहुंचने से लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
विगत 50 वर्षों से कोटद्वार में रह रहे जनरल रावत के चाचा ऑनरेरी कैप्टन स्व. दरबान सिंह रावत का पूरा परिवार और अन्य रिश्तेदार भी इस खुशी में शामिल होने के लिए बुधवार तड़के पैतृक गांव सैंण पहुंचे। गांव में परंपरागत ढोल-दमाऊं और मशकबीन की धुन के साथ जनरल रावत की ताजपोशी पर जश्न मनाया गया। परिजनों ने जरनल बिपिन रावत की तरक्की के लिए गांव में इष्टदेव की पूजा-अर्चना कर उनकी लंबी उम्र की दुआ मांगी। इस मौके पर जनरल रावत के चाचा भरत सिंह रावत, हरिनंदन सिंह, गंगा सिंह, अर्जुन सिंह और चचेरे भाई राजकुमार रावत, लेफ्टिनेंट कर्नल अशोक रावत, संतोष रावत, मनमोहन सिंह, पुष्कर रावत, जयवंत रावत, रविंद्र, देवेंद्र अजय, संजय आदि तमाम परिवार के सदस्य व ग्रामीण मौजूद रहे।