कोटद्वार। उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश सीमा पर मालन नदी में दो दिन पहले आए उफान से कॉजवे तो क्षतिग्रस्त होने से बच गया, लेकिन इस पर बनी सड़क को काफी क्षति पहुंची है। सड़क के एक हिस्से से काफी मलबा बहने से सड़क खोखली हो चुकी है। इस मार्ग से भारी वाहनों की आवाजाही होने से बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
गत 13 जुलाई, 2023 को कोटद्वार क्षेत्र में आई आपदा के दौरान मालन नदी पर मोटाढाक में बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। मालन पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद भाबर क्षेत्र के लिए तल्ला मोटाढाक में हल्दूखाता के लिए नदी पर कॉजवे बनाया गया था। पिछले दिनों मालन नदी में आए उफान में कॉजवे के ऊपर से पानी बहा था और नदी के तेज बहाव से कॉजवे के आसपास काफी कटान हुआ।
नदी का पानी उतरने से जेसीबी व पोकलेन से मार्ग को कुछ दुरुस्त कर आवागमन के लिए खोल दिया गया था, लेकिन कॉजवे की सड़क के हालात बदतर हो गए हैं। मालन नदी पर बने कॉजवे के हल्दूखाता छोर पर सड़क की एक साइड से काफी मलबा निकल चुका है। जिससे सड़क खोखली हो चुकी है। कॉजवे से रोजाना बड़ी संख्या में भारी वाहन गुजर रहे हैं। जिससे सड़क दिनोंदिन और खस्ताहाल होती जा रही है।
मार्ग से रोजाना कई स्कूली वाहनों के अलावा जशोधरपुर औद्योगिक आस्थान और सिडकुल ग्रोथ सेंटर सिगड्डी के ट्रक आवाजाही कर रहे हैं। नदी के दोनों छोर पर स्थित घनी आबादी क्षेत्र के लोगों का छोटे-बड़े निजी वाहनों से भी आवागमन हो रहा है। एक समय में एक ही छोर से वाहन गुजर पा रहे हैं। ऐसे में मार्ग पर दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने प्रशासन से सुधार की मांग की है।