दुगड्डा ब्लाक के अंतर्गत डबोली गांव में घुरड़ का पका हुआ मांस और घुरड़ का अधजला अवशेष मिला। वन विभाग ने मामले में चार ग्रामीणों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियोें को 25-25 हजार के निजी मुचलके के बाद जमानत दे दी गई।
लैंसडौन की रेंज अधिकारी पूनम कैंथोला ने बताया कि 27 मार्च को डबोली गांव में घुरड़ के अवैध शिकार की सूचना मिली थी, जिस पर उप प्रभागीय वनाधिकारी दिनेश चंद्र घिल्डियाल की अगुवाई में वन विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर छापा मारा। इस दौरान घुरड़ का पका हुआ मांस और घुरड़ का अधजला अवशेष भी मिला। गांव में पूछताछ करने पर अवैध शिकार में शामिल गांव के चार आरोपियों चिरंजीलाल, भुवनेश, मंगतराम और अशोक कुमार के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अभी उन्हें जमानत पर रिहा कर जांच शुरू कर दी गई है। रेंज अधिकारी के अनुसार घुरड़ हिरन प्रजाति का संरक्षित वन्यजीव है। टीम में वन आरक्षी कुलदीप सिंह नेगी, कुलदीप नौडियाल, महावीर प्रसाद, नवीन, विक्रम सिंह, सपना आदि शामिल रहे।