गत वर्ष 29 सितंबर को लकड़ी पड़ाव में दो पक्षों के बीच हुए झगड़े के बाद शहर में हुई तोड़फोड़ और बवाल के मामले का कोतवाली पुलिस पुन: परीक्षण करेगी। इस मामले में एक दिवंगत सैन्य अधिकारी के नाम समन जारी होने से किरकिरी झेल रही पुलिस ने शनिवार को कोर्ट से इसके लिए अनुमति मांगी। कोर्ट ने पुलिस को अनुमति प्रदान कर दी है।
गत वर्ष सितंबर माह में कोटद्वार शहर में बवाल और तोड़फोड़ के मामले में कोतवाली पुलिस ने सात लोगों को नामजद करते हुए डेढ़ सौ अज्ञात लोगों पर धार्मिक उन्माद समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस की ओर से मामले की दो अधिकारियों ने विवेचना की थी। अज्ञात लोगों की पहचान के लिए पुलिस ने जहां मीडिया रिपोर्ट और वीडियो फुटेज का सहारा लिया। वहीं इसमें विवेचना अधिकारियों की ओर से बरती गई लापरवाही के चलते कई लोगों के नाम, पिता का नाम और पता गलत होने की बात सामने आई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने जहां इस मामले में दो विवेचना अधिकारियों को निलंबित कर दिया है, वहीं मामले का पुन: परीक्षण करवाने का निर्णय लिया। इसके लिए पुलिस की ओर से बाकायदा न्यायालय से सीआरपीसी की धारा 173 (8) के तहत विधिवत अनुमति ली गई है।
एएसपी सरिता डोबाल ने इसकी पुष्टि की है। कहा कि पुन: परीक्षण में कई तथ्यों की पुष्टि, नए तथ्यों की जांच होगी। इसके लिए नए विवेचना अधिकारी एसआई विनोद कुमार की नियुक्ति कर दी गई है। पुन: परीक्षण में पुलिए की ओर से पिछले आरोप पत्र की कमियों को दूर करने के साथ ही नए तथ्य शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।