राठ क्षेत्रवासियों की आराध्य देवी मां कालिंका के दरबार में शनिवार को लगने जा रहे बूंखाल मेले को शांतिपूर्वक और बिना पशुबलि के संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बूंखाल मेला परिसर में जगह-जगह पर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। मेले में पशुबलि देने के लिए कोई भी श्रद्धालु पशु न ला पाए, इसके लिए बूंखाल से आने वाले विभिन्न मार्गों पर 14 चेक पोस्ट बनाए गए हैं। पौड़ी, थलीसैण और श्रीनगर के उपजिलाधिकारियों समेत कई अधिकारियों ने बूंखाल में डेरा डाल दिया है।
उल्लेखनीय है कि राठ क्षेत्रवासियों की आराध्य देवी मां कालिंका बूंखाल में लगने वाला मेला पहले पशुबलि के लिए चर्चित था। मेले में शताब्दियों से चली आ रही पशुबलि प्रथा वर्ष 2011 से बंद हो गई है। लोग पशुबलि के स्थान पर नारियल चढ़ाकर देवी की पूजा अर्चना कर रहे हैं। लंबे प्रयासों के बाद बंद हो चुकी पशुबलि प्रथा कहीं दोबारा शुरू न हो पाए, इसके लिए प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहती है।
पांच दिसंबर को आयोजित होने वाले इस मेले की तैयारियों के संबंध में जिलाधिकारी चंद्रशेखर भट्ट ने बताया बूंखाल मंदिर को जाने वाले विभिन्न मार्गों पर जगह-जगह 14 चेक पोस्ट बनाए गए हैं। इन सभी पर पर्याप्त पुलिस फोर्स तैनात की गई है। व्यवस्थाओं पर निगाह रखने के लिए पौड़ी, थलीसैण, श्रीनगर के एसडीएम, तहसीलदारों समेत कई अधिकारियों को बूंखाल में तैनात किया गया है। अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। बूंखाल में तैनात पौड़ी के एसडीएम पीएल शाह ने बताया कि चैक पोस्टों को चिपलघाट, मैलसैण, बेला बाजार में बनाया गया है।
एक एएसपी व चार उपाधीक्षक तैनात
बूंखाल मेले को शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस विभाग की ओर से एक अपर पुलिस अधीक्षक, चार पुलिस उपाधीक्षक, चार एसओ, 29 उप निरीक्षक, 20 हेड कांस्टेबल, 90 कांस्टेबल, 34 महिला कांस्टेबल, और दो कंपनी पीएसी तैनात की गई है। पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक राजीव स्वरूप ने बूंखाल मेले में तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि मेले के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।