नजीबाबाद-कोटद्वार रेल ट्रैक पर सुखरो नदी के पुल का पिलर ढह जाने से इस रूट पर दूसरे दिन भी रेल यातायात ठप रहा। हालांकि, रेल विभाग ने युद्ध स्तर पर पुल की मरम्मत का कार्य प्रारंभ कर दिया है लेकिन कोटद्वार के लिए रेल यातायात शुरू होने में एक माह का समय लगने की संभावना जताई जा रही है।
रेल यातायात ठप होने से रविवार को स्टेशन पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि टिकट घर और रिजर्वेशन काउंटर पर कुछेक लोग पूछताछ के लिए जरूर आए, लेकिन रेल यातायात के बहाल न होने की बात से उनको मायूस होकर लौटना पड़ा।
बिजनौर जिले में सुखरो नदी पर शनिवार को क्षतिग्रस्त हुए पुल को रेल सेवा के संचालन के लिए तैयार होने में एक माह का वक्त लग सकता है। रविवार को बरेली, मुरादाबाद, नगीना, धामपुर और नजीबाबाद से रेलवे की गैंग के करीब डेढ़ सौ श्रमिक पुल को दुरुस्त करने में जुटे रहे। टूटे पिलर की जगह नया पिलर बनाने और नदी के उफान और कटाव से खतरे की जद में आए दूसरे पिलरों की सुरक्षा का प्रबंध किया जा रहा है। पुल पर रेल ट्रैक भी मामूली रूप से झूल गया है। इसे दुरुस्त दुरूस्त किया जा रहा है। रेलवे के आला अधिकारियों की माने तो कोटद्वार-नजीबाबाद के बीच रेल यातायात बहाल होने में लगभग एक माह का समय लग सकता है।
रेलवे स्टेशन के बीच से लोगों की आवाजाही पर लगाई गई डीआरएम की फटकार का असर दूसरे दिन दिखाई दिया। स्थानीय रेलवे प्रशासन ने स्टेशन के बीच से गुजरने वाले लोगों को रोकने के लिए रेलवे कर्मी तैनात किया है। साथ ही गेट पर नोटिस भी लगाया है जिसमें साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि स्टेशन पर बिना टिकट घूमने और आवाजाही करने पर जुर्माना और जेल भेजने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
अभी पुल की मरम्मत का काम चल रहा है। अग्रिम आदेश तक कोटद्वार-नजीबाबाद के बीच रेल सेवाएं बंद रहेंगी। यहां आने वाली सभी ट्रेनें फिलहाल नजीबाबाद तक ही आ रही है। कोटद्वार के लिए रिजर्वेशन भी बंद हैं।
-आरके मीना स्टेशन अधीक्षक कोटद्वार