कोटद्वार। गुलदार के पंजे से अपने चार वर्षीय छोटे भाई राघव को बचाने वाली बहादुर बच्ची राखी रावत दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल से ठीक होने के बाद अपने गांव देवकुंडाई पहुंच गई है। राखी के गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने उसका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। उसने अपने भाई राघव और परिवार के साथ दीपावली मनाई।
बीरोंखाल ब्लाक के देवकुंडाई गांव में गत चार अक्तूबर को दिन में खेत से अपनी मां के साथ घर लौट रही 11 वर्षीय राखी और उसके चार साल के भाई राघव पर गुलदार ने हमला कर दिया था। तब इस बहादुर बच्ची ने अपने भाई की ढाल बनकर उसकी जान बचाई थी। इसमें गुलदार द्वारा उसे बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। अमर उजाला ने राखी की वीरता की कहानी को प्रमुखता से प्रकाशित किया। क्षेत्रीय विधायक और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने न केवल बहादुर बच्ची के उपचार के लिए एक लाख रुपये नकद परिजनों को दिल्ली भिजवाए, बल्कि उसे दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती भी करवाया। सरकार की ओर से राखी का नाम वीरता पुरस्कार के लिए भेजा गया है।
राखी की दिल्ली निवासी बुआ मंजू देवी ने बताया कि राखी अब पूरी तरह से स्वस्थ है। डाक्टरों की सलाह पर उसे आवश्यक दवाइयों के साथ गांव भेज दिया गया है। गांव पहुंचते ही उसने सबसे पहले अपने छोटे भाई राघव को गोद में उठाकर प्यार किया। गांव के लोगों ने उसका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। राखी के गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उसे देखने और कुशलक्षेम पूछने के लिए उसके घर पहुंच रहे हैं।
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