दुगड्डा (कोटद्वार)। ऐता-उमरैला-चरेख मोटर मार्ग के पहले किमी में खोह नदी पर बने पुल के पास देररात पहाड़ी से बोल्डर और भारी मात्रा में मलबा सड़क पर गिरने से यातायात बाधित हो गया। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार को अवकाश होने के कारण शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं को राहत मिली। स्कूल खुला होता तो वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से जाम की स्थिति बन सकती थी।
ग्रामसभा उमरैला की प्रधान संगीता देवी और ग्रामीण विवेक नेगी ने बताया कि शनिवार रात ऐता गांव के समीप खोह नदी पर बने पुल के पास पहाड़ी से विशालकाय बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गिरा। सुबह ग्रामीण वाहन से मौके पर पहुंचे तो बीच सड़क पर बोल्डर पड़ा मिला। इसकी सूचना तत्काल लोनिवि अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही लोनिवि दुगड्डा की जेसीबी मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया। बोल्डर विशालकाय होने के कारण ब्लास्टिंग करनी पड़ी। इसके बाद पहले हल्के वाहनों के लिए आवाजाही बहाल की गई। दोपहर करीब दो बजे मलबा और बोल्डर पूरी तरह हटने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही भी सुचारू हो सकी।
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शुरुआती किमी में लंबे समय से बनी है भूस्खलन की समस्या
करीब दो दशक पूर्व निर्मित इस मोटर मार्ग के शुरुआती हिस्से में लंबे समय से भूस्खलन की समस्या बनी हुई है। बरसात के दौरान पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिरने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कुछ समय से पहाड़ी से प्राकृतिक जलधारा निकलने के कारण यहां भूस्खलन का खतरा और बढ़ गया है। दोबारा बोल्डर और मलबा गिरने के बाद मार्ग की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
ऐता-चरेख मार्ग पर भूस्खलन के कारण बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गया था। ब्लास्टिंग के बाद जेसीबी की मदद से मलबा और बोल्डर हटाकर मार्ग पर आवाजाही शुरू करा दी गई है।
- सुशील कुमार, जेई लोनिवि दुगड्डा।