दुगड्डा (कोटद्वार)। दुगड्डा ब्लॉक के ग्राम पंचायत जुवा का तोक गांव बूंगधार आजादी के सात दशक बाद भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। गांव में वर्तमान में 22 परिवार निवास करते हैं, जिन्हें मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। गांव का पैदल रास्ता भी बरसात से खस्ताहालत है।
गांव में नई पेयजल योजना का लाभ न मिलने से गांव में पेयजल किल्लत बनी रहती है।
ग्राम पंचायत जुवा के तोक गांव की बसागत एक शताब्दी पहले हुई थी। ग्रामीणों ने आशियाना बनाने के लिए जुवा गांव के वाशिंदों से जमीन खरीदी थी। ऊंची पहाड़ी पर बसे इस गांव की मौजूदा स्थिति खस्ताहाल है। मुख्य मार्ग ऐता-चरेख मार्ग पर उमरैला गांव के निकट मोटर मार्ग से गांव तक कच्चा रास्ता है। करीब 500 मीटर मार्ग के निर्माण की प्रक्रिया जारी है, जो बरसात में खस्ताहाल हो गई थी। इसके बाद ग्रामीणों को बरसाती गदेरे से होते हुए गांव तक करीब आधे किमी की खड़ी चढ़ाई कर आवाजाही करनी पड़ती है।
वर्तमान में बरसात से गांव तक पैदल रास्ता भी खस्ताहाल हो चुका है। गांव में जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल, घर नल योजना भी शोपीस बनी हुई है। ग्रामीण पुरानी पेयजल योजना से किसी तरह अपने हलक तर कर रहे हैं। गांव में कुछ परिवारों के शौचालय भी नहीं हैं, जिससे उन्हें शौच के लिए जंगल जाना पड़ रहा है। जंगल जाने में वन्य जीवों का खतरा बना रहता है। गांव के कई परिवारों के पास पक्की गोशालाएं तक नहीं हैं। उक्त ग्रामीण प्लास्टिक की पन्नियां डालकर पशुपालन करने को मजबूर हैं।
ग्रामीण शाहीन खातून, फातिमा, मजीतन, निसार अली, नजीर अहमद आदि का कहना है कि ग्रामीणों को सरकारी सुविधाओं से वंचित रखना अनुचित है। उन्होंने प्रदेश सरकार से उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है। उधर, क्षेत्र पंचायत सदस्य इस्लाम अली का कहना है कि गांव के लिए पूर्व में बनाए गए पैदल रास्ते पशुओं की आवाजाही से दरक रहा है। ग्रामीणों को नई पेयजल योजना का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। परिवार पृथक हुए कुछ परिवारों के शौचालय भी नहीं हैं। त्रिस्तरीय पंचायत के गठन के बाद ग्रामीणों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे।
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मामला संज्ञान में आया है। त्रिस्तरीय पंचायत के गठन के बाद ग्रामीणों को सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
- रुचि कैंत्यूरा, ब्लॉक प्रमुख दुगड्डा।
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जगमोहन सिंह रावत