बीरोंखाल ब्लाक का जर्जर हाल राजकीय प्राथमिक विद्यालय कांडा मल्ला।
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बीरोंखाल ब्लाक का राजकीय प्राथमिक विद्यालय कांडा मल्ला देखरेख के अभाव में जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। वर्ष 1940 में राजकीय प्राथमिक विद्यालय कांडा मल्ला की स्थापना की गई थी। कोरोना काल से पहले विद्यालय में 15 बच्चे शिक्षा ले रहे थे लेकिन कोरोनाकाल में लॉकडाउन होने पर दो साल बाद विद्यालय और जर्जर हो गया है। स्थिति यह है कि विद्यालय की छत गिरने की कगार पर है। समाजसेवी दीपक सिंह रावत ने कहा कि गांव में खेलने का मैदान नहीं होने पर गांव के सभी बच्चे इन दिनों इसी विद्यालय के आंगन में खेलते हैं, जिससे दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है। उन्होंने जल्द विद्यालय के नए भवन के निर्माण की मांग की। वहीं बीईओ बीरोंखाल अजीत सिंह भंडारी का कहना है कि प्राथमिक विद्यालय कांडा मल्ला के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन कोविड के कारण सभी प्रस्ताव खारिज हो गए हैं। एक बार फिर से विद्यालय भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। संवाद