भाबर के किशनपुर में कचरे के ढेर में खुला फेंका गया बायोमेडिकल वेस्ट। संवाद
कण्वघाटी/किशनपुर। भाबर क्षेत्र के किशनपुर मुख्य बाजार में कुछ निजी क्लीनिक सुई, सिरिंज, खून से सनी पट्टियां और दवाइयों के अवशेष जैसे बायोमेडिकल कचरे को खुले में कूड़े के ढेर पर फेंके जाने से निराश्रित मवेशियों और लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। इस पर विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों और पशु प्रेमियों ने कोटद्वार नगर निगम से जिम्मेदार लोगों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह रावत, आकृति गौ सेवा सदन की अध्यक्ष सुषमा जखमोला और श्री सिद्धबली मंदिर समिति गूलरझाला के अध्यक्ष गौरव कुकरेती ने बताया कि संक्रमित सामग्री खुले में फेंके जाने से न केवल गंदगी फैल रही है बल्कि खतरनाक बीमारियों के फैलने का भी खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि पशु अक्सर कचरे के ढेर में भोजन तलाशते हैं, जिससे उनके मुंह और पेट में घाव व संक्रमण होने का खतरा रहता है। ऐसे बायोमेडिकल कचरे का उचित निस्तारण किया जाए, ताकि पशुओं के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य को भी संक्रमण से बचाया जा सके।
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बायोमेडिकल कचरे को खुले में फेंकना सख्त मना है। यह जनता और पर्यावरण के लिए गंभीर संक्रामक और विषाक्त खतरा पैदा करता है। इसे केवल अधिकृत वेंडर या बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन (बीएमडब्लू) नियमों के तहत निस्तारण निपटाना अनिवार्य है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई के लिए सीएमओ पौड़ी को भेजा जाएगा।
-डाॅ. अश्वनी कुमार, ब्लॉक चिकित्साधिकारी दुगड्डा।