कोटद्वार। बीएड प्रशिक्षित युवा संघ की बैठक में उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर की ओर से डीएलएड प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष निर्धारित किए जाने का विरोध किया गया। उन्होंने शासन से डीएलएड प्रवेश परीक्षा के लिए 30 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा को समाप्त कर सभी अभ्यर्थियों को डीएलएड प्रवेश परीक्षा में शामिल होने का अवसर देने की मांग की है।सिद्धबली मंदिर स्थित पार्क में आयोजित बैठक में संघ प्रवक्ता अरविंद दुदपुड़ी ने कहा कि एनसीटीई विनिमय 2014 में डीएलएड के लिए अधिकतम आयु सीमा का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन बोर्ड ने अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष निर्धारित की है, जो पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष निर्धारित है। ऐसे में डीएलएड प्रवेश परीक्षा के लिए 30 वर्ष करना उचित नहीं है। कहा कि इस मामले में कुछ अभ्यर्थी कोर्ट की शरण में गए थे। उन्हें हाईकोर्ट से राहत मिली है, लेकिन अधिकतम आयु सीमा निर्धारित होने के कारण कई अभ्यर्थी डीएलएड प्रवेश परीक्षा का फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। बैठक में अजय खंतवाल, अनिल रतूड़ी, प्रदीप नेगी, ममता असवाल, नवीन गौड़, दीपक डोबरियाल, शिखा चौधरी, यजुवेंद्र सिंह रावत, आशीष डोबाल, नीरज खत्री, सुशील बिष्ट और रणवीर सिंह आदि बीएड प्रशिक्षित मौजूद रहे।