क्षेत्र पंचायत द्वारीखाल की त्रैमासिक बैठक में जिलास्तरीय अधिकारियों के न पहुंचने पर बीडीसी सदस्य और ग्राम प्रधान भड़क उठे। उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली के प्रति रोष जताते हुए सदन का बहिष्कार किया। ब्लाक प्रमुख छोटी देवी ने अफसरों के रवैये की शिकायत जिलाधिकारी चंद्रशेखर भट्ट से की। बाद में मनाने के बाद जनप्रतिनिधि सदन में लौटकर आए। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों पर ब्लाक की समस्याओं के प्रति उदासीन बने रहने का आरोप लगाया।
बुधवार को द्वारीखाल ब्लाक सभागार में ब्लाक प्रमुख छोटी देवी की अध्यक्षता में बीडीसी बैठक शुरू हुई, जिसमें 60 ग्राम प्रधान, 13 क्षेत्र पंचायत सदस्य मौजूद रहे। बैठक में उस समय हंगामा हो गया, जब समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी नहीं पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने बीडीसी के औचित्य पर सवाल उठाते हुए बैठक से वाकआउट कर दिया, जिससे काफी देर तक हंगामा होता रहा। हंगामा थमता न देख ब्लाक प्रमुख ने अधिकारियों के न पहुंचने की शिकायत फोन पर डीएम से की। डीएम के आश्वासन के बाद प्रमुख और ज्येष्ठ उपप्रमुख अर्जुन सिंह ने सदस्यों को शांत कराकर बैठक शुरू करवाई।
जनप्रतिनिधियों ने राशन कार्डों पर राशन न मिलने पर आक्रोश जताया। कहा कि राज्य खाद्य सुरक्षा के लिए बनने वाले राशन कार्डों के लिए आय प्रमाण पत्रों के लिए न्याय पंचायत स्तर पर शिविर लगाने की जरूरत है। सदस्यों ने बिजली, सड़क, पानी, स्वास्थ्य से संबंधित पहले उठाई गई समस्याओं के निस्तारण न होने पर नाराजगी जताई। इस अवसर पर प्रधान मनमोहन दुदपुड़ी, प्रेमलाल बडोला, सोबन सिंह, मेहरबान सिंह बिष्ट, विनोद कुमार अमोला, भारत सिंह रावत और पदमेंद्र पयाल आदि मौजूद थे।