कोटद्वार। श्री सिद्धबली बाबा महोत्सव के पहले दिन शाम बाबा की निकली भव्य शोभायात्रा को देखने के लिए सड़कों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। शोभायात्रा में शामिल झांकियों ने लोगों को जहां आस्था में भावविभोर किया। श्रद्धालुओं ने श्री सिद्धबाबा के रथ पर पुष्प वर्षा कर सुख समृद्धि की कामना की।
शुक्रवार देर शाम देश के विभिन्न प्रांतों से पहुंचे कलाकारों ने अपने झांकी सिद्धबली मंदिर के समीप सजाई। शाम करीब चार बजे मंदिर परिसर से झांकी शहर भ्रमण के लिए निकली। गिवईंस्रोत पुल के पास प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी और मेला संयोजक अनिल कंसल ने शोभायात्रा का उद्घाटन किया। शोभायात्रा में सबसे आगे श्री गणेश की झांकी थी। उसके बाद शिव पार्वती, श्रीकृष्ण-राधा, शिव बारात, वैष्णो देवी की झांकी, लक्ष्मण परशुराम, देवी डोली और श्री सिद्धबली की झांकी के आगे मेरठ का मिलन बैंड और लाइटें सड़क पर चल रही थीं। उसके बाद आकर्षक रूप से लाइटों और फूलों से सजी बाबा की झांकी थी। इसके अलावा राजकुमार संपेरा बीन पार्टी, शेरे पंजाब पाइप बैंड, बाबा दीप सिंह अखाड़ा और अनेक कीर्तन मंडलियों ने अपनी झांकियों के माध्यम से आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। शोभायात्रा के दौरान रास्ते में कई जगह पर विभिन्न संगठनों ने शोभायात्रा में चल रहे श्रद्धालुओं के लिए पानी और चाय के स्टाल भी लगाए थे। शोभायात्रा बदरीनाथ रोड से झंडाचौक होते हुए नजीबाबाद चौक से गोविंद नगर गुरुद्वारे के पास आकर समाप्त हुई।
आर्मी के पाइप बैंड की धुन ने किया मंत्रमुग्ध
झंडाचौक पर लगाया गया लैंसडौन रेजिमेंटल सेंटर के पाइप बैंड की धुन ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बाबा की झांकी जब उनके सामने से निकली तो लोगों ने इसका स्वागत किया। लोग देर शाम तक पाइप बैंड की धुन पर झूमते रहे।
लाइटों से सजा पूरा शहर
महोत्सव को भव्य रूप देने के लिए जहां तहसील परिसर से झंडाचौक तक बल्ब लगाए गए थे। वहीं शहर के मुख्य चौराहे झंडाचौक को रंग बिरंगी लड़ियों और एलईडी लाइटों से सजाया गया था।
ट्रैफिक रहा डायवर्ड पुलिस रही मुस्तैद
शोभायात्रा के दौरान शहर का ट्रैफिक डायवर्ड किया गया था। ज्यादातर वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा था। कोतवाल उत्तम सिंह जिमिवाल के नेतृत्व में भारी पुलिस फोर्स भी शोभायात्रा के दौरान नगर में तैनात रही।
श्री सिद्धाबाबा महोत्सव में आज
- पिंडी महाभिषेक सुबह पांच बजे
- एकादश कुंडलीय यज्ञ सुबह सात बजे
- जगतगुरु शंकराचार्य राज राजेश्वरजी महाराज के प्रवचन दोपहर बाद - गढ़वाली भजन संध्या दोपहर बाद
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