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Kotdwar News: तीन साल से मरम्मत का इंतजार, ग्रामीण प्यासे

Mon, 22 Jun 2026 05:37 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
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शिलेड़ी गांव में आपदा में बही पेयजल लाइन की तीन साल बाद भी नहीं हुई मरम्मत
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मवासा गांव में भी पिछले एक साल से पेयजल किल्लत
कोटद्वार। दुगड्डा ब्लॉक की ग्राम पंचायत धूरा भरपूर के राजस्व गांव मवासा और शिलेड़ी में जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाएं ग्रामीणों के लिए सिरदर्द बनी है। ग्रामीण पेयजल संकट झेलने को मजबूर हैं।
शिलेड़ी गांव में वर्ष 2023 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइन की तीन साल बाद भी मरम्मत नहीं हो सकी है जबकि मवासा गांव के ग्रामीण पिछले एक वर्ष से पेयजल संकट झेल रहे हैं। ग्रामीणों ने जल संस्थान पर शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान न करने का आरोप लगाया है। ग्राम प्रधान रमेश चंद्र भट्ट ने अधिशासी अभियंता कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर दोनों गांवों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि चार वर्ष पूर्व जल जीवन मिशन के तहत मवासा और शिलेड़ी गांव की पेयजल योजनाओं का जीर्णोद्धार किया गया था।
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मवासा गांव में टैंक का निर्माण भी किया गया लेकिन 42 कनेक्शनों पर मात्र 12 हजार लीटर क्षमता का टैंक बनाए जाने के बजाय कम क्षमता का टैंक बना दिया गया। उपभोक्ताओं को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है और पिछले एक वर्ष से पेयजल संकट बना है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में बिछाई गई पेयजल लाइन को भूमिगत नहीं किया गया है। साथ ही योजना के संचालन के लिए लाइनमैन की भी तैनाती नहीं की गई है जिससे छोटी-छोटी समस्याओं का भी समय पर समाधान नहीं हो पाता।
प्रधान ने बताया कि शिलेड़ी गांव में वर्ष 2023 की आपदा के दौरान करीब 50 पाइप बह जाने से आधी पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसकी शिकायत तत्काल कंट्रोल रूम में दर्ज कराई गई थी लेकिन अब तक लाइन की मरम्मत नहीं हो सकी है। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक, जल संस्थान अधिकारियों, जनता दरबार और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें की गईं। विभागीय अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया लेकिन समस्या जस की तस बनी है। विभाग बजट की कमी का हवाला देकर कार्रवाई टाल रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि शिलेड़ी गांव में अनुसूचित जाति के 11 परिवार निवास करते हैं, जो लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने दोनों गांवों में शीघ्र पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
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आपदा में क्षतिग्रस्त शिलेड़ी गांव की पेयजल लाइन कंट्रोल रूम की सूची से छूट गई थी, जिसके कारण उसकी मरम्मत नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि इस बार आपदा मद से लाइन की मरम्मत कराई जाएगी। वहीं मवासा गांव में टीम भेजकर पेयजल आपूर्ति सुचारू कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- देवकी नंदन जोशी, एई जल संस्थान कोटद्वार।
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