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फोन पर एटीएम नंबर पूछ खाते से उड़ाए 89 हजार

Thu, 23 Feb 2017 10:36 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, कोटद्वार
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फर्जी कॉल - फोटो : demo pic
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फोन पर एटीएम कार्ड की जानकारी लेकर कल्जीखाल ब्लॉक के बगवानू निवासी एक व्यक्ति के खाते से 89 हजार रुपये उड़ा लिए गए। पीड़ित ने इस संबंध में राजस्व पुलिस को इस मामले की तहरीर दी है।      
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भारतीय स्टेट बैंक कल्जीखाल के खाताधारक गजपाल सिंह ने बताया कि 21 फरवरी को उनके पास एक फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह स्टेट बैंक का कर्मचारी बोल रहा है और उनका एटीएम कार्ड बंद होने वाला है। कार्ड के नवीनीकरण के लिए उन्हें अपने एटीएम में अंकित नंबरों को बताना होगा।

अपने को बैंक कर्मी बताने वाले की बातों पर भरोसा करके उन्होंने फोन पर उसे एटीएम नंबर बता दिया। 22 फरवरी को जब वे पासबुक में एंट्री करवाने कल्जीखाल स्थित अपनी ब्रांच में पहुंचे तो पता चला कि 21 फरवरी को उनके खाते में जमा 95 हजार रुपये में से 89 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं। इस संबंध में जब उन्होंने बैंक के प्रबंधक से शिकायत की तो उन्होंने उन्हें पुलिस से शिकायत दर्ज करवाने करने को कहा। पीड़ित की ओर से राजस्व पुलिस असवालस्यूं पट्टी सर्किल चार में तहरीर दी गई है।
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पूर्व में हो चुकी हैं कई घटनाएं
कोटद्वार में साइबर क्राइम से जुड़े इस तरह के कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं। कई लोग तो इसकी शिकायत तक नहीं करते। कई बैंक अधिकारियों तक तो पहुंचते हैं, लेकिन पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराते। सामाजिक कार्यकर्ता मुजीब नैथानी, विजय ध्यानी, रवींद्र बिष्ट कहते हैं कि कोटद्वार भाबर में कई लोग इन ठगों के झांसे में आकर अपनी खून पसीने की कमाई गवां चुके हैं। इसी महीने 11 फरवरी को शिवपुर निवासी मेहरबान सिंह के खाते से साइबर ठग डेढ़ लाख रुपये उड़ा चुके हैं।

उन्होंने थाने में तहरीर दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिछले वर्ष 22 नवंबर को गोविंदनगर निवासी संगीता गुप्ता के खाते से एटीएम नंबर पूछकर ठग 22 हजार रुपये उड़ा चुके हैं। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस के पास जाने पर केवल नसीहत ही मिलती है, कार्रवाई नहीं होती। अधिकतर मामलों में रिपोर्ट ही दर्ज नहीं की जाती।
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ऐसे मामलों में जागरूकता से ही कमी लाई जा सकती है। पुलिस के पास जितने भी मामले आते हैं, उसमें जांच की जाती है। ज्यादा बड़ा मामला होने पर उसे साइबर सेल को ट्रांसफर कर दिया जाता है।
-उत्तम सिंह जिमिवाल, कोतवाल कोटद्वार
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समाचार पत्रों और टीवी चैनलों पर आए दिन इस तरह की खबरें प्रकाश में आने के बाद लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। किसी भी बैंक की ओर से उनके मोबाइल पर कभी फोन नहीं किया जाता है। देशभर में साइबर क्राइम से जुड़े ठग सक्रिय हैं, जिनके झांसे में उपभोक्ताओं को नहीं आना चाहिए। किसी भी तरह की जानकारी के लिए अपने बैंक की शाखाओं में संपर्क करना चाहिए। व्यापक प्रचार-प्रसार के बावजूद ऐसी घटनाओं का बढ़ना जागरूकता की कमी है। ऐसे मामलों की लिखित सूचना पुलिस में दी जानी चाहिए।
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-डीपीएस बिष्ट, क्षेत्रीय सचिव एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन उत्तराखंड
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