कोटद्वार। उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन के आह्वान पर आशा वर्करों ने तहसील में छह सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने न्यूनतम 26 हजार मासिक वेतन देने समेत अन्य मांगों के निराकरण की मांग की। एसडीएम के माध्यम से सीएमओ पौड़ी और एसीएमओ दुगड्डा को ज्ञापन भेजा गया। मांगें पूरी नहीं होने पर 11 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई।
ब्लॉक अध्यक्ष प्रभा चौधरी के नेतृत्व में मंगलवार सुबह तहसील परिसर में एकत्र हुई आशा वर्करों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी लेकिन अब उनसे कई अतिरिक्त कार्य भी कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में उनसे डेंगू सर्वे कराया गया। इसके लिए महज 200 रुपये प्रतिमाह दिए गए जबकि आशा कार्यकर्ताओं ने सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक घर-घर जाकर सर्वे किया। मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने पर 11 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी।
प्रदर्शनकारियों में उषा देवी, नीलम कुकरेती, कल्पना काला, सुमित्रा भट्ट, आशा देवी, ज्योति रावत, गोदांबरी देवी, रंजना कोटनाला, विमला जोशी, धनेश्वरी देवी, सीमा देवी, सुमन राठौर, नीलम नेगी, रोशनी, मंजू नेगी, रीमा देवी, रीता देवी और कल्पना बिष्ट आदि शामिल रहीं।
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अशोक केष्टवाल