दुगड्डा। क्षेत्र में वर्षा होने से वनाग्नि की घटनाओं पर फिलहाल विराम लगने से लैंसडौन वन प्रभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। वहीं, हाल ही में वनाग्नि की कई घटनाओं के कारण पहाड़ों पर जमा राख और कालिख वर्षा जल के साथ बहकर नदी में पहुंचने से नदी का रंग भी काला हो गया।
दुगड्डा एवं आसपास के क्षेत्रों में मूसलाधार वर्षा के साथ ही कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई। तेज वर्षा के कारण सिलगाड और लंगूरगाड नदियों में जलस्तर काफी बढ़ गया। लोग नदियों के पानी के रंग को देखकर हतप्रभ रह गए। दरअसल नदी में पहाड़ों से कालिख और राख बहकर आने से काफी देर तक नदी का रंग काला नजर आया।
वहीं, दोनों नदियों के संगम से खोह नदी का रंग भी बदल गया। खोह में भी काला और मटमैला पानी उफान पर नजर आया। दूसरी ओर कोटद्वार व दुगड्डा नगर की पेयजल आपूर्ति बाधित होने की संभावना बनी हुई है। दरअसल, आमडाली में जल संस्थान की पंपिंग योजना से नदी के पानी को गोदी बड़ी स्थित टैंक में जमा किया जाता है। टैंक से नगर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की जाती है। लंगूरगाड नदी का पानी दूषित होने से नगर क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका है।