लैंसडौन। गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर ने शुक्रवार को वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ उत्साह और गरिमा के साथ मनाई। यह आयोजन भारतीय सेना के गौरव, अनुशासन और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक बना।
परेड ग्राउंड में रेजिमेंट के सभी अधिकारी, जेसीओ, जवान एवं रिक्रूट अग्निवीर पारंपरिक सैन्य वेशभूषा में उपस्थित रहे। वंदे मातरम के गायन के साथ तिरंगे को सलामी दी गई। इस दौरान रेजिमेंटल पाइप बैंड ने विशेष देशभक्ति धुनों का वादन कर माहौल को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया।
राजकीय महाविद्यालय कण्वघाटी में हुआ गायन
कोटद्वार। राजकीय महाविद्यालय कण्वघाटी में महाविद्यालय के समस्त कार्मिकों एवं छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रगीत वंदेमातरम का गायन किया। इसके बाद महाविद्यालय के स्मार्ट कक्षा कक्ष में राष्ट्रगीत वंदेमातरम पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन सुना। कोटद्वार कोतवाली में कोतवाल रमेश तनवार के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों ने एक साथ वंदे मातरम् का गायन कर देशभक्ति, एकता और राष्ट्रीय गौरव का संदेश दिया।
एकेश्वर ब्लॉक के इंटर कॉलेज सुरखेत में वंदे मातरम् का गायन किया गया। प्रधानाचार्य पुष्कर सिंह नेगी ने बताया कि बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा 07 नवंबर 1876 को रचित राष्ट्रगीत वंदेमातरम मूल रूप में उनके उपन्यास आनंदमठ का एक भाग है।
कोटद्वार रेलवे स्टेशन प्रांगण में रेलवे कर्मियों एवं रेलवे पुलिस कर्मियों ने संयुक्त रूप से वंदेमातरम का गायन किया। इस दौरान स्टेशन अधीक्षक मनोज रावत, स्टेशन मास्टर कमल नेगी, जीआरपी चौकी की मुख्य आरक्षी रजनी नौटियाल, आरपीएफ कर्मी पुरुषोत्तम एवं बड़ी संख्या में यात्री शामिल रहे।
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