कोटद्वार। कोतवाली पुलिस ने करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाली कंपनी एलयूसीसी को-ऑपरेटिव सोसाइटी के एक और सरगना को लखनऊ से पकड़ा है। आरोपी कंपनी में साइनिंग अथॉरिटी के रूप में नियुक्त था और उसके द्वारा कंपनी के खाते से करीब 23 करोड़ रुपये की धनराशि की निकासी की गई थी। पुलिस ने आरोपी को बर्ड्स कोर्ट देहरादून में पेश किया। जहां कोर्ट के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है।कोतवाल रमेश तनवार ने बताया कि 01 जून, 2024 को शिवपुर निवासी तृप्ति नेगी ने दि लोनी अरबन मल्टी स्टेट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (एलयूसीसी) के खिलाफ धोखाधड़ी करने संबंधी शिकायती प्रार्थनापत्र कोतवाली पुलिस को दिया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। वहीं अन्य वादी अंजना रावत की तहरीर पर भी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अलावा अन्य जनपदों में भी कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज किए गए। मामले की विवेचनात्मक कार्रवाई के दौरान तथ्य सामने आया कि एलयूसीसी के बैंक खाते से 22.94 करोड़ रुपये रामनाथ गुप्ता के पीएनबी खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। जिसे रामनाथ गुप्ता ने चेक के माध्यम और नकद के रूप में निकाले हैं। पुलिस ने आरोपी रामनाथ गुप्ता निवासी ग्राम देईपुर, थाना चोलापुर, वाराणसी (यूपी) को बृहस्पतिवार को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया गया। कोतवाल ने बताया कि आरोपी को बर्ड्स कोर्ट देहरादून में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है।