कर्मियों ने उपनल में यथावत रखने और पांच माह के वेतन भुगतान की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। दैनिक संविदा आउटसोर्स कर्मचारी संघ वन विभाग की बैठक में दैनिक श्रमिकों को उपनल से हटाकर निजी आउटसोर्स एजेंसी में शामिल करने का पुरजोर विरोध किया गया। इस मौके पर लैंसडौन वन प्रभाग कोटद्वार से हटाए गए 80 दैनिक श्रमिकों की पुन: सेवा बहाली करने, दैनिक श्रमिकों को उपनल में समायोजित करने और विगत पांच माह के वेतन भुगतान की मांग उठाई गई।
बैठक में संघ के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रप्रकाश ने बताया कि शासन ने 18 जुलाई को वन विभाग के सभी प्रभागों को पत्र जारी कर उपनल कर्मियों को निजी आउट सोर्स एजेंसी में समायोजित करने के आदेश जारी किए थे। कहा कि वन विभाग में संविदा श्रमिक 24 घंटे सेवाएं देते हैं और जान जोखिम में डालकर गश्त करते हुए वन्य जीवों की सुरक्षा करने के साथ ही वन संपदा को आग से बचाते हैं। संविदा श्रमिकों ने शासन की कार्रवाई का पुरजोर करते हुए उन्हें उपनल में यथावत रखने की मांग उठाई। चेतावनी दी यदि इस संबंध में शीघ्र ही शासन और विभाग स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो दैनिक उपनल कर्मी प्रदेश स्तर पर कार्यबहिष्कार करेंगे। बैठक में प्रदेश महामंत्री प्रदीप भदूला, कोटद्वार इकाई मंत्री राजीव शर्मा, राम सिंह खाती, कुमाऊं मंडल उपाध्यक्ष रमेश जोशी, प्रदीप जुयाल, ताजबर सिंह, मोनिका चौहान, नरेश बहुखंडी, विकास नेगी, दीपक चौधरी, तृप्ति चमोली, ऋषिपाल, अमर चंद्र आदि मौजूद रहे।