कोटद्वार। शिक्षकों के साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग के लिए मंगलवार को काला फीता बांधकर नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) और एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) का विरोध किया। इस दौरान उन्होंने विरोधस्वरूप एनपीएस व यूपीएस की प्रतियां फाड़ीं और जलाईं। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा से जुड़े शिक्षक कर्मचारी जीआईसी कोटद्वार में एकत्र हुए। यहां से उन्होंने नगर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।
जुलूस नगर के मुख्य मार्ग लालबत्ती चौराहा होते हुए झंडा चौक पहुंचा। यहां प्रदर्शनकारी शिक्षकों व कर्मचारियों ने नई एनपीएस की प्रतियां फाड़कर विरोध जताया। मोर्चा के प्रांतीय पर्यवेक्षक जितेंद्र प्रसाद भारद्वाज ने कहा कि भविष्य में यही योजना उनके लिए जी का जंजाल बन जाएगी। इस दौरान सतीश देवरानी, वरदान बुड़ाकोटी, अरविंद गौड़, गणेश पसबोला, बबीता, रजनी कुकरेती, मनवर लाल भारती मौजूद रहे। उधर, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड की प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर परिषद की कोटद्वार शाखा ने कृषि विभाग के कार्यालय में यूपीएस आदेश की प्रतियां जलाईं। प्रदर्शन में मंडलीय अध्यक्ष हर्ष मोहन नेगी, शाखा अध्यक्ष मुकेश रावत, मुख्य संरक्षक सरदार नरेश सिंह, भारत सिंह बिष्ट, सुजीत पटेरिया, कल्पना चौहान आदि शामिल रहे। वहीं, एकेश्वर, जयहरीखाल, दुगड्डा, रिखणीखाल, द्वारीखाल और यमकेश्वर ब्लॉक के प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों, वन विभाग, लोनिवि, सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने यूपीएस के विरोध में बांह पर काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। शिक्षकों ने विद्यालय में भी शैक्षणिक सत्र के प्रथम दिन बांह पर काली पट्टी बांधकर शैक्षणिक कार्य किया। पुरानी पेंशन योजना बहाली आंदोलन के जिलाध्यक्ष अनूप जदली, संयोजक डॉ. महावीर सिंह बिष्ट, संरक्षक मनमोहन चौहान माैजूद रहे।