राजकीय मेडिकल कालेज प्रशासन ने निश्चेतक विज्ञान विभाग (एनेस्थीसियोलॉजी) से बार-बार आ रही शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए जांच बैठा दी है। सर्जरी विभागाध्यक्ष की अगुवाई में आठ सदस्यीय कमेटी एनेस्थीसिया विभाग की जांच करेगी। जांच चलने तक विभागाध्यक्ष को दायित्व मुक्त किया गया है। इस दौरान सर्जरी विभागाध्यक्ष एनेस्थीसिया विभाग का अतिरिक्त दायित्व संभालेंगे।
बता दें कि एनेस्थीसिया विभाग में लंबे समय से चिकित्सकों और कर्मचारियों ने एचओडी प्रो. आईएस योग के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। पिछले कुछ समय से विभाग के संकाय सदस्य/चिकित्सक और अन्य स्टाफ प्राचार्य को लगातार प्रो. योग के विरुद्ध शिकायती पत्र दे रहे थे।
स्थिति यह है कि संकाय सदस्यों ने भविष्य में उनके अधीन कार्य करने से मना कर दिया। शिकायत कर्ताओं का कहना है कि प्रो. योग उनको बेवजह परेशान कर रही हैं। वह गार्ड से लेकर संकाय सदस्यों तक सभी को धमकाती हैं। कालेज प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर गत 21 अक्तूबर को संकाय सदस्यों ने पुन: पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने प्रो. योग पर बयान और रिकार्ड बदलने के लिए स्टाफ पर दबाव बनाने का आरोप लगाया।
लंबी इंतजारी के बाद प्राचार्य प्रो. सीएमएस रावत ने संकाय सदस्यों और स्टाफ के संबंध में विविध प्रकरणों पर आ रही शिकायतों की जांच के लिए सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. बेअंत सिंह के अगुवाई में कमेटी गठित कर दी।
प्रो. रावत ने बताया कि कई स्रोतों से विभागाध्यक्ष के संबंध में शिकायत मिली हैं। आठ सदस्यीय कमेटी जांच करेगी। जांच रिपोर्ट में जो भी मिलेगा, उसी के अनुसार कार्रवाई होगी। जांच तक विभागाध्यक्ष को दायित्व मुक्त किया गया है। इस दौरान सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. सिंह एनेस्थीसिया विभाग का अतिरिक्त दायित्व संभालेंगे। उधर, प्रो. योग ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक संकाय सदस्य की महत्वाकांक्षा बढ़ गई है। इसीलिए साजिश के तहत आरोप लगाए जा रहे हैं।