पशुपालन विभाग कर्मी के बैंक खाते से चार लाख 91 रुपये धोखाधड़ी से उड़ाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने कीर्तिनगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी राजकीय महाविद्यालय गोपेश्वर में लिपिक के पद पर कार्यरत है।
पशुपालन विभाग कीर्तिनगर में कार्यरत भगवती प्रसाद उनियाल के पड़ोसी के घर में उनका रिश्तेदार ठहरा हुआ था। विगत 11 अक्तूबर को उक्त व्यक्ति ने अपने एटीएम कार्ड में खराबी की बात कहकर उनका एटीएम कार्ड ले लिया। उसने कार्ड का सीरियल नंबर नोट करते हुए कहा कि वह इसके जरिए पैसे मंगा लेगा। इसके बाद उसने फोन भी मांगा, जिसे उसने कुछ देर बाद वापस कर दिया।
दो-तीन दिन बाद जब उनके फोन से न तो कॉल गई और न ही कॉल आई, तब उन्हें पता चला कि सिम कार्ड लॉक हो गया है। गड़बड़ी का आभास होने पर वह बैंक में गए। बैंक एकाउंट की स्थिति देखी तो पता चला कि खाते से तीन लाख 91 हजार 719 रु. निकाल लिए गए थे। पुन: 19 और 20 अक्तूबर को 99 हजार 386 रु. आहरित हो गए। उक्त धनराशि विभिन्न खातों में ट्रांसफर हुई है। कोतवाल चंदन सिंह चौहान ने बताया कि जांच शुरू हो गई है। डिटेल मंगवाई जा रही है।
पेटीएम वॉलेट का इस्तेमाल
श्रीनगर। खाते से पेटीएम वॉलेट एप के जरिए रकम ट्रांसफर की गई है। आरोपी ने पहले एटीएम कार्ड का नंबर लिया। उसे पेटीएम में एक्टिवेट किया। एक्टीवेट करने से पहले वन टाइम पासवर्ड खातेधारक के मोबाइल फोन नंबर में आता है, इसलिए उसने उनियाल का फोन भी मांग लिया।
इस पासवर्ड को उसने अपने फोन में डाउनलोड एप में डालकर एक्टिवेट कर दिया। आरोपी इतना शातिर निकला कि उसने रकम ट्रांसफर करने से पहले पीड़ित का सिम कार्ड लॉक कर दिया, ताकि उसे धन आहरण का भी पता न चल सके। आरोपी खाते में बची और धनराशि भी ट्रांसफर कर देता, इससे पहले पीड़ित के बेटे ने इस संबंध में साइबर सेल को शिकायत कर दी।