जंगलों की आग बुझाने के लिए अब शासन-प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीआरडी के साथ ही अब वायु सेना की मदद ली जा रही है। गढ़वाल क्षेत्र में वनाग्नि पर काबू पाने के लिए वायु सेना का ग्यारह सदस्यीय दल एमआई-17 से शनिवार को पहुंचा। दल एमआई 17 से पानी की बौछार कर आग बुझाएगा।
पहले चरण में पौड़ी जिले के जंगलों की आग बुझाई जाएगी। जिलाधिकारी चंद्रशेखर भट्ट ने बताया कि राज्य के जंगलों में लगी भीषण आग को देखते हुए शासन ने हेलीकाप्टर से आग बुझाने का निर्णय लिया है।
एमआई-17 से वायु सेना का 11 सदस्यीय दल स्क्वाड्रन लीडर एसके यादव के नेतृत्व में शनिवार करीब चार बजे श्रीनगर के जीवीके हेलीपैड पर पहुंचा। एसके यादव ने बताया कि एक हेलीकाप्टर कुमाऊं मंडल में भी भेजा गया है। हेलीकाप्टर में परियोजना की झील से पानी भरा जाएगा। एसडीएम रजा अब्बास स्थानीय स्तर पर वायु सेना का सहयोग करेंगे।
पौड़ी। शहर के समीपवर्ती जंगलों में भड़की आग अभी भी थमने को नहीं है। पौड़ी-खिर्सू मार्ग में गोड़ख्याखाल से आगे कई जगहों पर जंगलों में आग भड़की हुई है। बांज के जंगल धू-धू कर जल रहे हैं। सुंगरखाल-सीकू-ज्वाल्पा मोटर मार्ग के नीचे पड़ने वाले निसणी गांव का जंगल भी आग की चपेट में आ चुका है। कोट ब्लाक में भी कई जगह आग भड़की हुई है। आग से चारों तरफ धुंध ही धुंध छायी हुई है। इस वजह से पौड़ी से सामने की पहाड़ियां बिल्कुल नहीं दिखाई दे रही हैं।
जिलाधिकारी चंद्रशेखर भट्ट ने बताया कि वनाग्नि पर काबू पाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में एनडीआरएफ के 36, एसडीआरएफ के 35 और पीआरडी के जवान के 70 जवान आग बुझाने में जुटे हैं। इसके अलावा वन विभाग और फायर विभाग की टीमें भी लगी हुई है। अब आग बुझाने के लिए वायु सेना का हेलीकाप्टर भी जिले को उपलब्ध हो गया है, जो प्रभावित क्षेत्रों में जाकर कृत्रिम वर्षा के जरिये आग को बुझाने का प्रयास करेगा।